Moga Dhalleke Suicide Case : मोगा के धल्लेके में व्यक्ति ने गोली मारकर की खुदकुशी
मोगा के धल्लेके में व्यक्ति ने गोली मारकर की खुदकुशी
Moga Dhalleke Suicide Case : पंजाब के मोगा जिले में स्थित गांव धल्लेके में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गांव के निवासी गुरदीप सिंह ने अपनी .32 बोर की लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। फसल बर्बाद होने और कनाडा से लगातार मिल रही धमकियों से तंग आकर उठाए गए इस आत्मघाती कदम से इलाके में शोक और दहशत की लहर दौड़ गई है। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना कोट ईसे खां पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
खेत में खड़ी फसल पर केमिकल छिड़कने का मामला आया था सामने
मृतक गुरदीप सिंह पिछले कुछ दिनों से बेहद मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे थे। दरअसल, कुछ ही दिन पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ अज्ञात उपद्रवियों ने उनके खेत में खड़ी फसल पर कथित तौर पर जहरीला केमिकल छिड़क दिया था, जिससे पूरी फसल सड़कर बर्बाद हो गई। इसके अलावा शरारती तत्वों ने खेत में लगी सिंचाई की मोटर को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिससे पीड़ित को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
कनाडा निवासी एनआरआई पर लगाया था आरोप, थाने में दी थी शिकायत
इस गंभीर नुकसान के बाद गुरदीप सिंह ने कोट ईसे खां पुलिस स्टेशन पहुंचकर एक लिखित शिकायत सौंपी थी। अपनी शिकायत में गुरदीप ने सीधे तौर पर कनाडा में रह रहे एनआरआई जोगिंदर सिंह पर साजिश रचने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि एनआरआई जोगिंदर सिंह विदेश में बैठकर अपने स्थानीय गुर्गों के जरिए उनकी जमीन और जायदाद को नुकसान पहुंचा रहा है।
धमकियों से टूट चुका था गुरदीप, परिजनों ने बयां किया दर्द
गुरदीप के परिजनों के अनुसार, पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई। कनाडा बैठा आरोपी एनआरआई जोगिंदर सिंह फोन पर गुरदीप को लगातार गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दे रहा था। इन धमकियों के चलते गुरदीप सिंह पिछले कई दिनों से गहरे सदमे और डर के साये में जी रहे थे, जिसके चलते आखिरकार शनिवार सुबह उन्होंने यह घातक कदम उठा लिया।
पुलिस जांच में जुटी, धमकियों और आत्महत्या के कारणों की पड़ताल जारी
घटना के तुरंत बाद एक्शन में आई पुलिस ने मामले के हर पहलू की गहराई से जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और परिजनों के बयानों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जांच अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि एनआरआई द्वारा दी जा रही धमकियों और आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस पड़ताल पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
