Moga News : पंजाब के मोगा जिले में धान की फसल को पानी न मिलने से परेशान किसानों के सब्र का बांध आखिरकार गुरुवार देर शाम टूट गया। बारिश की कमी और बिजली विभाग की बेरुखी से नाराज सैकड़ों किसानों ने गांव सिंघांवाला स्थित पावर ग्रिड का घेराव कर दिया। इसके बाद गुस्साए किसानों ने मोगा-कोटकपूरा मुख्य मार्ग पर धरना देकर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया और पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना रोष प्रकट किया।
नहरी पानी का अभाव और बिजली के लंबे कट बने मुसीबत
स्थानीय किसानों का कहना है कि क्षेत्र के सिंघांवाला, तारेवाल और चुपकीती जैसे कई गांवों में नहरी पानी का कोई मुकम्मल इंतजाम नहीं है। ऐसे में किसान अपनी फसलों की सिंचाई के लिए पूरी तरह से ट्यूबवेल और बिजली आपूर्ति पर ही निर्भर हैं। इस सीजन में बारिश बेहद कम होने के कारण धान के खेतों में पानी की मांग काफी बढ़ गई है, लेकिन पावरकॉम की ओर से लगातार लग रहे अघोषित कटों ने किसानों की कमर तोड़ दी है। समय पर पानी न मिलने के कारण धान की खड़ी फसल अब सूखने की कगार पर पहुंच गई है।
‘कागजों में 8 घंटे, जमीन पर 4 घंटे भी नहीं’— किसान नेताओं का आरोप
धरने की अगुवाई कर रहे किसान नेता इकबाल सिंह ने भगवंत मान सरकार के दावों की हवा निकालते हुए कहा कि सरकार कागजों और विज्ञापनों में किसानों को रोजाना 8 घंटे निर्बाध बिजली देने की बड़ी-बड़ी बातें कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। गांवों में 4-4 घंटे के लंबे कट लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “आज पंजाब का हर वर्ग परेशान है— कर्मचारी सड़कों पर हैं और किसान भी अपनी मेहनत की कमाई बचाने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। अगर सरकार ने एक-दो दिन के भीतर बिजली आपूर्ति को दुरुस्त नहीं किया, तो इस प्रदर्शन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।”

