Nangal Chaudhary News: (विजय यादव) बिजली वितरण के लिए पैरेलल लाइसेंस को लाईसेंस देने के विरोध में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियरिंग एसोसिएशन के सांझा संयुक्त संघर्ष मोर्चा की केंद्रीय परिषद के आह्वान पर सब डिवीजन कार्यालय परिसर में धरना दिया। विद्युत नियामक आयोग के फैसले की प्रतियां जलाकर रोष जताया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रधान जितेंद्र डांगी ने किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने गुपचुप तरीके से गुरुग्राम एवं नूंह में बिजली वितरण के लिए पैरेलल लाइसेंस दिए जाने के फैसला लिया है। इस फैसले से सरकारी बिजली निगमों की व्यवस्था, कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा और आम उपभोक्ताओं के हित प्रभावित होने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि बिजली केवल व्यापार का साधन नहीं, बल्कि आम जनता की बुनियादी जरूरत है। बिजली क्षेत्र से जुड़े फैसले लेते समय कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रदर्शन के दौरान पैरेलल लाइसेंस देने के फैसले का विरोध करते हुए कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान करने की मांग उठाई। उन्होंने निजीकरण रोकने, पैरेलल लाइसेंस के फैसले पर पुनर्विचार करने और लंबित मांगें जल्द पूरी करने की मांग की।
सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। साथ ही संगठन द्वारा घोषित 22 से 24 अक्टूबर तक तीन दिवसीय हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया गया है। प्रदर्शन में उप प्रधान मनोज कुमार, सचिव अनिल गुर्जर ने कहा कि और यूनिट नारनौल के वरिष्ठ उप प्रधान राकेश यादव ने विचार व्यक्त किए हैं।
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