Nangal Chaudhary News: (विजय यादव) दौंखेरा गांव में प्रस्तावित माइंस को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए एनओसी जारी करने की प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित मंदिर, आबादी, स्कूल, अरावली क्षेत्र और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों से दूरी के मानकों की पालना नहीं हुई। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों की मीटिंग हुई जिसमें सोमवार को जिला उपायुक्त कार्यालय पर धरना आरंभ करने का निर्णय लिया गया है।
कालू बटार ने बताया कि ऑक्शन से पहले लीज के मानकों का आकलन करना जरूरी है। नजदीक मंदिर, आवासीय मकान या अरावली जोन स्थापित होने पर लीज अलॉट आवेदन कैंसिल करने का प्रावधान है।
दौंखेरा पहाड़ के पास मंदिर तथा आवासीय मकान हैं, जहां रोजाना ग्रामीणों का आवागमन रहता है। बावजूद विभाग ने आवेदक को एनओसी दे दी, जिसके आधार पर लीज अलॉटमेंट किया गया है।
उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पैमाइश कराकर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है। कहा कि पहाड़ पर खनन गतिविधियां शुरू होने से लोगों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है। ब्लास्टिंग होने की स्थिति में मकानों में दरारें आने, पत्थर उड़ने और धूल-मिट्टी फैलने का खतरा रहेगा।
वहीं, भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है। खनन से उठने वाली धूल हवा की गुणवत्ता प्रभावित करने के साथ ग्रामीणों और पशुओं के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर डाल सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि पहाड़ की तलहटी में लगे छायादार पौधों को रातोंरात उखाड़ दिया गया, जिससे मिट्टी का कटाव बढ़ने और स्थानीय पर्यावरण का संतुलन बिगड़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने प्रदूषण नियंत्रण, मजदूरों की सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
बीते करीब एक महीने से माइंस संचालक तेजी से मिट्टी उठाने और रास्ता निर्माण का कार्य कर रहा है। पंचायत के रकबे पर भी अवैध खनन की गतिविधियां हो रही हैं। उन्होंने बताया कि बिना वैधानिक अनुमति या निर्धारित सीमाओं के बाहर खनन होने से सरकार को राजस्व नुकसान होगा।
बचाव के लिए खनन और संबंधित विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर मंदिर, आबादी, स्कूल और पंचायत भूमि की पैमाइश करे। जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा और पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके।
जिला उपायुक्त कार्यालय पर धरने का सामुहिक निर्णय
पूर्व सरपंच लालचंद, महावीर, बलाराम ने बताया कि पहाड़ पर अवैध खनन होने की शिकायत, बीडीपीओ, तहसीलदार तथा एसडीएम को सौंप चुके। बावजूद माईंस संचालक धड़ल्ले से मिट्टी खनन करके पंचायती रकबे को नुकसान पहुंचा रहा है। खदान में हैवी ब्लास्टिंग होने की स्थिति में ग्रामीणों को जानलेवा खतरा बढ़ जाएगा। भयभीत ग्रामीणों ने सोमवार को जिला उपायुक्त कार्यालय पर धरना देने का निर्णय लिया है।
जेडी माईंस की शिकायत सीएम विंडो पर, सालों से अटकी कार्रवाई
उन्होंने बताया कि 8-9 साल पहले जेडी माईंस ने पहाड़ पर खनन किया है। तत्कालीन संचालक ने पहाड़ के साथ पंचायती रकबे पर पत्थर निकाला है। जिसके खिलाफ सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज है। लेकिन मिलीभगत तथा भ्रष्टाचार के दबाव में जांच रिपोर्ट अटकी हुई है। उन्होेंने कहा कि जिला प्रशासन और विभाग ग्रामीणों की समस्या सुनने को तैयार नहीं।
आवश्यक एनओसी की प्रस्तुति पर माईंस हुई है अलॉट
जिला माईंस अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि दौंखेरा पहाड़ पर लीज होल्डर द्वारा विभिन्न विभागों की एनओसी प्रस्तुत करके ही लीज ऑक्शन कराया है। आबादी या अन्य सार्वजनिक संपत्ति के मापदंड तो लीज अलॉट से पहले ही जांचे जाते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत पर माईंस का निरीक्षण किया गया है। जहां सभी मानक सही पाए हैं।
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