Nangal Chaudhary : (विजय यादव) सरकार ने समर्थन मूल्य पर बाजरे का एक-एक दाना खरीदने का दावा किया था, लेकिन नांगल चौधरी अनाज मंडी में सरकारी खरीद व्यवस्था की पोल खुलती नजर आई।
सरकार के निर्देश पर एक अक्टूबर से खरीद शुरू होनी थी, इसके लिए खरीद एजेंसी को मंडी भी अलॉट की गई, लेकिन एजेंसी ने बारदाना तक उपलब्ध कराया। ना ही बाजरे की ढेरियों का अवलोकन कर खरीद प्रक्रिया शुरू की। इससे मंडी में बाजरा लेकर पहुंचे किसानों में हताशा व आक्रोश बना हुआ है।
आपको बता दें कि सरकार ने मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर विभिन्न फसलों का पंजीकरण कराया था। किसानों ने कड़ी मशक्कत कर फसल का पंजीकरण कराया, ताकि उन्हें सरकार द्वारा घोषित 2900 रुपए प्रति क्विंटल का लाभ मिल सके। इसमें करीब 2300 रुपए खरीद एजेंसी के माध्यम से तथा 600 रुपए भावांतर योजना के तहत मिलने हैं।
सरकार के निर्धारित शेड्यूल के अनुसार एक अक्टूबर को करीब 15-20 किसान बाजरा लेकर मंडी पहुंचे थे, किंतु फसल वैरिफिकेशन नहीं होने के कारण उनके टोकन अटक गए। सोमवार से टोकन रिलीज होने शुरू हुए तो किसानों को उम्मीद जगी कि अब सरकारी खरीद होगी, लेकिन एजेंसी ने खरीद शुरू करने की बजाय आनाकानी शुरू कर दी।
मंगलवार की सुबह एजेंसी के दो कर्मचारी मंडी में पहुंचे, परंतु उन्होंने किसानों की ढेरियों का अवलोकन करने अथवा खरीद प्रक्रिया शुरू करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। किसानों को मंडी में फसल लेकर परेशान होता देख आढ़तियों ने प्राइवेट खरीद शुरू करने का निर्णय लिया।
उन्होंने मार्केट कमेटी के सचिव आदित्य यादव की उपस्थिति में 2250 से 2280 रुपए प्रति क्विंटल के भाव खरीद की। आढ़तियों के इस कदम से किसानों को कुछ राहत मिली और वे अपनी फसल बेचकर वापस लौट सके। मंडी में आए अशोक कुमार, रामचंद्र, बिहारीलाल ने बताया कि खरीद एजेंसी की लचर व्यवस्था के चलते दिनभर परेशानी झेलनी पड़ी है।

इलेक्ट्रोनिक झारने की शर्त थोपी, प्रबंध करने पर पीछे हटी एजेंसी
बाजरे की आवक होने पर आढतियों ने खरीद कमेटी से संपर्क करके खरीद करने की गुहार लगाई। लेकिन उन्होंने इलेक्ट्रोनिक झारने का तर्क देकर इंकार कर दिया। शाम तीन बजे आढतियों ने आनन-फानन में बिजली चलित झारने का प्रबंध किया। बावजूद खरीद कमेटी ने ढेरियों का अवलोकन नहीं किया। परेशान किसान दिनभर इधर-उधर भटकते रहे हैं।
2100 से पांच हजार तक बाजरे के ईपरचेज की अनुमति
मार्केट कमेटी के सचिव आदित्य यादव ने बताया कि पहले ई-खरीद पोर्टल पर 2300 से कम भाव अपलोड नहीं होते थे। मंगलवार शाम 2100 से 5000 हजार प्रति क्विंटन के भाव तक खरीद करने की अनुमति मिल गई है। आढतियों की प्राइवेट खरीद में आठ टोकनों पर 210 क्विंटन बाजरा खरीदा गया है। उन्होंने बताया कि मंडी में इलेक्ट्रोनिक झारने समेत सभी मापदंड व सुविधाएं कंप्लीट हैं।
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