Narnaul: प्राचीन एवं ऐतिहासिक धार्मिक नगरी नारनौल के मोहल्ला चांदुवाड़ा में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी भक्ति और श्रद्धा का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा। यहां स्थित श्री धार्मिक रामलीला ट्रस्ट (रजि.) के तत्वावधान में इस वर्ष 77वें रामलीला मंचन उत्सव का भव्य शुभारंभ 8 अक्टूबर, वीरवार रात्रि 9 बजे से होने जा रहा है। वर्ष 1950 में स्थापित इस ऐतिहासिक रामलीला को लेकर पूरे जिले और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि यह रामलीला मंचन संस्था के परम पूज्य संस्थापक पं० रेवतीनन्द जी हरित के पावन आशीर्वाद और वर्तमान संरक्षक श्री शम्भू दयाल गर्ग के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। 14 दिनों तक चलने वाले इस विशाल धार्मिक महोत्सव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और चान्दुवाड़ा स्थित आयोजन स्थल को बेहद भव्य रूप से सजाया गया है।
भव्य और आधुनिक स्वरूप में दिखेगी रामलीला
रामलीला ट्रस्ट के प्रधान संजय गर्ग, सचिव दीपक हरित, कोषाध्यक्ष जगदीश भारद्वाज और रामलीला प्रधान नरेन्द्र जैन ने संयुक्त रूप से बताया कि इस बार मंचन को और अधिक भव्य, सजीव और आधुनिक तकनीक से युक्त बनाने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं। कलाकारों के मंचन, डिजिटल लाइटिंग और ध्वनि व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि दर्शक त्रेतायुग के दृश्यों को साक्षात महसूस कर सकें। इस वर्ष के पूरे आयोजन में श्री सूर्य नारायण भगवान डोला समिति व लड्डू गोपाल सेवा समिति, नारनौल का विशेष सानिध्य एवं सहयोग रहेगा।
लीला मंचन का विस्तृत कार्यक्रम
आयोजकों ने बताया कि पहले दिन यानी 8 अक्टूबर को शिव-पार्वती संवाद, शिव तलहटी, श्रवण कुमार चरित्र और वेदवती-रावण संवाद जैसी महत्वपूर्ण लीलाओं का मंचन किया जाएगा। इसके बाद 9 अक्टूबर को राम जन्म व ताड़का वध,10 अक्टूबर को धनुष यज्ञ व राम विवाह, 11 अक्टूबर को राम राज्याभिषेक की तैयारी व कोपभवन, 12 अक्टूबर को राम वनवास तथा 13 अक्टूबर को दशरथ देह त्याग व भरत मिलाप का मार्मिक दृश्य दिखाया जाएगा। महोत्सव के दूसरे सप्ताह में 14 अक्टूबर को अत्रि मिलन व गुरु-चेला संवाद, 15 अक्टूबर को शूर्पणखा की नाक कटना व सीता हरण, 16 अक्टूबर को राम-सुग्रीव मित्रता व बाली वध, 17 अक्टूबर को लंका दहन,18 अक्टूबर को अंगद-रावण संवाद व लक्ष्मण शक्ति तथा 19 अक्टूबर को कुंभकरण, मेघनाद व अहिरावण वध जैसी बड़ी लीलाओं का मंचन होगा।
जल-महल के पास होगा रावण दहन और समापन
महोत्सव का मुख्य आकर्षण 20 अक्टूबर (मंगलवार) को दशहरा पर्व पर होने वाला रावण दहन होगा। यह भव्य कार्नई अनाज मण्डी (नजदीक जल-महल) के मैदान पर सायंकाल 5 बजे से रात्रि 9 बजे तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें हजारों की संख्या में लोग जुटते हैं। इसके अगले दिन, 21 अक्टूबर को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के भव्य राजतिलक, महाआरती, प्रसाद वितरण और सभी कलाकारों व सहयोगियों के सम्मान समारोह के साथ इस 14 दिवसीय महोत्सव का विधिवत समापन होगा।
पूरी टीम निभा रही सक्रिय भूमिका
इस विशाल धार्मिक उत्सव को सफल बनाने और व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने में ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों व सम्मानित ट्रस्टीगणों की मुख्य भूमिका है। इस पूरी टीम में शम्भू दयाल गर्ग, जगदीश भारद्वाज, नरेन्द्र कुमार जैन, संजय गर्ग, दीपक हरित, अशोक पाण्डे, विष्णु शर्मा, राजेन्द्र कुमार शर्मा, भारत भूषण ग्रोवर, मीरा बहन जी और कैलाश सैनी पूरी निष्ठा के साथ सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

