Narnaul Anganwadi News: महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से सेवा संकल्प भारत अभियान और राष्ट्रीय पोषण माह के तहत गांव कारोता आंगनवाड़ी में सेवा मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम में पोषण अभियान की ब्लॉक कोऑर्डिनेटर प्रिया ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास की पहली पाठशाला मां की गोद ही है। उन्होंने कहा कि बच्चे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में महिलाओं की भूमिका सबसे निर्णायक होती है। शुरुआती 1000 दिनों में मां द्वारा दिया गया पोषण, संस्कार और देखभाल ही बच्चे के पूरे जीवन की नींव तय करता है।
मां ही तय करती है कि बच्चा क्या खाएगा, कैसे खेलेगा और कैसे स्वस्थ रहेगा। इसलिए महिलाओं की तीन जिम्मेदारियां सबसे अहम हैं – पोषण के लिए सही खान-पान, पहली शिक्षक के रूप में अच्छी आदतें व संस्कार, और स्वास्थ्य प्रहरी के रूप में टीकाकरण व साफ-सफाई सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम के दौरान विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देने के साथ कई महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की गईं जिनमें बच्चों को खेल खेल में शिक्षा देने के साथ उनके स्वास्थ्य की जांच की गई ।
गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक गोदभराई रस्म पूरी की गई और उन्हें संतुलित आहार, नियमित जांच और संस्थागत प्रसव के लिए जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि यदि हर मां जागरूक होकर आंगनवाड़ी केंद्रों की सेवाओं का लाभ ले तो गांव का कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं रहेगा। उन्होंने महिलाओं से हमारी आंगनवाड़ी-हमारी जिम्मेदारी’ को आदत बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में महिलाओं ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और समान शिक्षा का संदेश देते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ ली।
इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुमन, महिला पंच प्रमिला देवी, आंगनवाड़ी सहायिका कविता, सुमित्रा सहित ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रही।
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