Narnaul: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी ने पैनल अधिवक्ताओं और पैरा लीगल वालंटियर्स की बैठक ली।
बैठक के दौरान सचिव नीलम कुमारी ने आमजन तक त्वरित एवं मुफ्त कानूनी सहायता पहुंचाने और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों व नालसा की योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कई मुख्य बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
सीजेएम नीलम कुमारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य बनाम अजमल बेग मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत दहेज प्रथा के खिलाफ व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएं। आमजन को दहेज निषेध अधिकारियों के संपर्क विवरण की जानकारी दी जाए ताकि इस सामाजिक बुराई के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने 21 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाली एन.आई. एक्ट (चेक बाउंस) मामलों से संबंधित विशेष लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिवक्ताओं एवं पीएलवी को निर्देश दिए गए कि वे पक्षकारों को प्री-काउंसलिंग के माध्यम से आपसी सहमति से मामले निपटाने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने 12 दिसंबर को आयोजित होने वाली आगामी ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक मामलों को चिह्नित करने और पक्षकारों को आपसी समझौते के लाभ समझाने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न निवारण पॉश एक्ट के प्रभावी कार्यान्वयन का सख्ती से पालन करने और आंतरिक शिकायत समितियों की कार्यप्रणाली को मजबूत करने पर विशेष चर्चा की गई।
सीजेएम ने आमजन तक सहायता पहुंचाने के लिए नालसा के राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 15100 और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 01282-250322 का व्यापक स्तर पर प्रचार करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में सीजेएम नीलम कुमारी ने सभी पैनल अधिवक्ताओं और पैरा लीगल वालंटियर्स से अपनी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा और सेवा भावना के साथ निभाने का आह्वान किया, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक मुफ्त, सुलभ और पारदर्शी न्याय का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंच सके।
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