Narnaul News: पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर संचालित फर्जी निवेश एवं ऑनलाइन ट्रेडिंग ग्रुपों के माध्यम से साइबर ठग लोगों को भारी मुनाफे का लालच देकर उनकी मेहनत की कमाई हड़पने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि कम समय में रकम दोगुनी करने, निश्चित लाभ दिलाने अथवा शेयर बाजार में कमाई का विशेष अवसर देने जैसे दावों पर बिना जांच किए भरोसा न करें। किसी ग्रुप में साझा किए गए मुनाफे के स्क्रीनशॉट और अनजान लोगों की सफलता की कहानियां निवेश सुरक्षित होने का प्रमाण नहीं हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस प्रकार की धोखाधड़ी की शुरुआत अक्सर किसी अनजान व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप में जोड़े जाने से होती है। इन ग्रुपों को वीआईपी इन्वेस्टमेंट, शेयर मार्केट टिप्स अथवा क्रिप्टो ट्रेडिंग जैसे आकर्षक नाम दिए जाते हैं। ग्रुप में पहले से मौजूद ठगों के साथी खुद को सामान्य निवेशक बताकर मोटी कमाई के दावे करते हैं और फर्जी स्क्रीनशॉट साझा करते हैं। इससे नए सदस्य को लगने लगता है कि अन्य लोग लगातार लाभ कमा रहे हैं और वह पीछे रह रहा है। इसी मानसिक दबाव और अधिक मुनाफे की उम्मीद का फायदा उठाकर ठग उसे निवेश के लिए तैयार करते हैं।
एसपी दीपक कुमार ने बताया कि विश्वास जीतने के लिए ठग शुरुआत में छोटी रकम पर कुछ पैसे मुनाफे के रूप में वापस भी दे देते हैं। शुरुआती भुगतान मिलने पर व्यक्ति निवेश को भरोसेमंद मानकर बड़ी रकम लगा देता है। इसके बाद जब वह पैसा निकालना चाहता है तो निकासी रोक दी जाती है और टैक्स, प्रोसेसिंग फीस या पेनल्टी के नाम पर अतिरिक्त भुगतान मांगा जाता है।
अपनी फंसी हुई रकम वापस पाने की उम्मीद में व्यक्ति और पैसे भेजता रहता है, जिससे नुकसान बढ़ता जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शुरुआत में कुछ पैसे वापस मिलना किसी योजना के वास्तविक या सुरक्षित होने की गारंटी नहीं है।
पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों को सलाह दी कि अनजान व्यक्तियों द्वारा निवेश संबंधी ग्रुपों में जोड़े जाने पर सतर्क रहें और संदिग्ध ग्रुप को रिपोर्ट करके छोड़ दें। व्हाट्सएप की ग्रुप प्राइवेसी सेटिंग में ‘माई कॉन्टैक्ट्स’ विकल्प चुनें। किसी अनजान लिंक से ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड न करें तथा निवेश के नाम पर किसी व्यक्ति के निजी बैंक खाते या संदिग्ध यूपीआई आईडी पर रकम न भेजें।
शेयर बाजार में निवेश करने से पहले संबंधित ब्रोकर के सेबी पंजीकरण और उसके आधिकारिक प्लेटफॉर्म की प्रामाणिकता की जांच करें। केवल किसी संस्था का नाम, लोगो या पंजीकरण का स्क्रीनशॉट देखकर विश्वास न करें।
उन्होंने कहा कि यदि निवेश के बाद पैसा निकालने के लिए बार-बार अतिरिक्त रकम मांगी जा रही है तो भुगतान करने के बजाय सतर्क हो जाएं। साइबर ठगी होने पर बिना समय गंवाए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। संबंधित मोबाइल नंबर, ग्रुप की जानकारी, चैट, भुगतान की रसीद और लेनदेन का विवरण सुरक्षित रखें, ताकि शिकायत की जांच में सहायता मिल सके।
महेंद्रगढ़ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि अपनी मेहनत की कमाई से जुड़ा निर्णय लालच, जल्दबाजी या अनजान लोगों के दबाव में न लें। जिस निवेश को समझते नहीं हैं, उसमें केवल दूसरों की कमाई देखकर पैसा न लगाएं। स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार व परिचितों को भी फर्जी ऑनलाइन निवेश के तरीकों के प्रति जागरूक करें।
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