Narnaul News: हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) द्वारा गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए पैरेलल लाइसेंस दिए जाने के फैसले के विरोध में मंगलवार को नारनौल स्थित एसई कार्यालय परिसर से महावीर चौक तक बिजली कर्मचारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियरिंग तथा डिप्लोमा इंजीनियरिंग एसोसिएशन के साझा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की एवम् महावीर चौक पर प्रदेश के सीएम नायब सिंह सैनी, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर तथा HERC अध्यक्ष मुकेश गर्ग के पुतले जलाकर विरोध दर्ज कराया। और निजीकरण के फैसलों को तुरंत वापस लेने की मांग उठाई।

इस विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता पावर एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र पाल यादव ने की, जबकि मंच का संचालन सर्कल सेक्रेटरी सत्यवान यादव व नारनौल यूनिट प्रधान सत्य प्रकाश यादव ने संयुक्त रूप से किया।
निजीकरण और पैरेलल लाइसेंस पर गहरी चिंता
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि HERC का यह निर्णय सरकारी बिजली निगमों की व्यवस्था, कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा और आम उपभोक्ताओं के हितों के लिए बड़ा खतरा है। किरोड़ीमल सैनी ने विचार रखते हुए कहा कि बिजली कोई व्यापार का साधन नहीं बल्कि आम जनता की बुनियादी जरूरत है, इसलिए सार्वजनिक व्यवस्था की रक्षा करना बेहद जरूरी है।
केंद्रीय परिषद के सचिव सुभाष रोहिला, वीर सिंह एसडीओ (कनीना), राकेश एसडीओ (महेन्द्रगढ़), दीपक एचडी (अटेली), प्रमोद शर्मा और राज्य ऑडिटर धर्मवीर भाटी सहित कई प्रमुख पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

तीन दिवसीय हड़ताल की चेतावनी
कर्मचारियों ने मांगों का समाधान न होने पर 22 से 24 अक्टूबर तीन दिवसीय पूर्ण हड़ताल की चेतावनी दी साथ ही साझा संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने सभी बिजली कर्मचारियों और आम जनता से अपील की है कि वे सार्वजनिक बिजली व्यवस्था की रक्षा के लिए इस आंदोलन में एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करें।

