Narnaul News: नारनौल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव मांदी में चोरी की बढ़ती वारदातों से किसान बेहद परेशान हैं। चोरों ने किसानों के खेतों और ट्यूबवेलों को अपना मुख्य निशाना बना रखा है। बदमाश न केवल ट्यूबवेलों से महंगी केबल, पंपसेट और नोजल चुरा रहे हैं, बल्कि खेतों की सुरक्षा के लिए लगाई गई कांटेदार तार और लोहे की जाली तक उखाड़कर ले जा रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने पहले भी आपसी सूझबूझ से चोरों को रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले किया था, लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कानूनी कार्रवाई न किए जाने के कारण चोरों के हौसले बुलंद हैं।
हजारों रुपये के उपकरणों की चोरी, किसान आर्थिक संकट में
ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि चोर आए दिन ट्यूबवेलों को निशाना बनाकर हजारों रुपये का सामान चुरा ले जाते हैं। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। पहले से ही कृषि में लागत का सामना कर रहे किसानों को सिंचाई के लिए जरूरी उपकरण और सुरक्षा तार चोरी होने से दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। फसल की सिंचाई का समय होने पर उपकरण न मिलने से किसानों की चिंता और अधिक बढ़ गई है।
पहले भी पकड़े गए थे चोर, नहीं हुई ठोस कार्रवाई
ग्रामीण नवीन यादव (पुत्र होशियार सिंह) और लोकेश यादव (पुत्र रामकिशन) सहित अन्य किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि कुछ समय पहले ग्रामीणों ने खुद सतर्कता दिखाते हुए चोरों को पकड़कर पुलिस को सौंपा था। इसके बावजूद आरोप है कि पुलिस ने न तो मामले में कोई कड़ी कार्रवाई की और न ही समय पर एफआईआर दर्ज की। ग्रामीणों का मानना है कि यदि उस समय पुलिस सख्ती दिखाती, तो आज इस तरह की वारदातों में इजाफा नहीं होता।
पुलिस प्रशासन से गश्त बढ़ाने और कार्रवाई की मांग
लगातार हो रही इन चोरियों से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से पुरजोर मांग की है कि गांव मांदी और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि चोरों पर अंकुश लग सके। साथ ही, पूर्व में पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है ताकि किसानों को इस समस्या से राहत मिल सके।
यह भी देखें – बाली वध की लीला देख भावविभोर हुए दर्शक, अंगद को श्रीराम के हाथों सौंपकर बाली ने त्यागे प्राण

