Narnaul News: नारनौल शहर में विकास कार्यों की पोल खोलती एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर के मुख्य महाराजा अग्रसेन चौक के सौंदर्यीकरण का उद्घाटन होने के महज कुछ ही दिनों के भीतर प्रतिमा के ऊपर बनी नई छतरी की गुमटी भरभराकर नीचे गिर गई। करीब 13.76 लाख रुपये की लागत से हुए इस निर्माण कार्य की घटिया गुणवत्ता को लेकर अब स्थानीय लोगों और वैश्य समाज में भारी रोष है।
लोगों का कहना है कि जहां एक तरफ करीब 35 साल पुरानी गुमटी आंधी-तूफान झेलने के बावजूद पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत खड़ी रही, वहीं लाखों की सौंदर्यीकरण के नाम पर बनाई गई नई गुमटी कुछ ही दिनों में धराशायी हो गई। इस घटना के बाद से प्रशासन और नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या-क्या होना था सौंदर्यीकरण में?
नारनौल के वैश्य समाज के प्रतिनिधियों ने कुछ समय पहले निकाय मंत्री विपुल गोयल के समक्ष चौक के सौंदर्यीकरण की पुरजोर मांग रखी थी। मंत्री के निर्देशों के बाद नगर परिषद ने महाराजा अग्रसेन जयंती से पहले इस कार्य को शुरू कराया था। इस प्रोजेक्ट के तहत लगभग 13.76 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं, जिसमें निम्नलिखित कार्य शामिल हैं-
धौलपुर के महंगे पत्थरों से चौक की चारदीवारी का निर्माण
प्रतिमा के ऊपर पत्थरों की भव्य छतरी तैयार करना
आधुनिक फव्वारे और रंग-बिरंगी आकर्षक लाइटें लगाना
35 साल पुरानी गुमटी रही मजबूत, नई ने चंद दिनों में दिया धोखा
स्थानीय नागरिकों ने पुरानी यादें साझा करते हुए बताया कि यह मूल गुमटी वर्ष 1989 से पहले तत्कालीन अध्यक्ष स्वर्गीय लाला ओमप्रकाश गुप्ता (दादरी वाले) के नेतृत्व में लगवाई गई थी। यह ऐतिहासिक गुमटी लगभग साढ़े तीन दशकों तक हर मौसम की मार झेलते हुए पूरी तरह सुरक्षित रही और कभी अपनी जगह से नहीं हिली। इसके विपरीत, हाल ही में तैयार की गई नई गुमटी का उद्घाटन के तुरंत बाद गिर जाना नए निर्माण की पोल खोलता है।
अन्य चौकों की बदहाली और सड़कों की जर्जर हालत पर भी फूटा गुस्सा
अग्रसेन चौक की इस घटना के बाद शहरवासियों का गुस्सा और बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि शहर में केवल अग्रसेन चौक ही नहीं, बल्कि राजीव गांधी चौक, शहीद भगत सिंह चौक और सैन चौक का भी सौंदर्यीकरण किया जाना चाहिए। इसके अलावा, सैन चौक की सड़क का वर्क ऑर्डर जारी होने के बावजूद अभी तक निर्माण कार्य शुरू न होने से जनता में भारी नाराजगी है, क्योंकि यह मुख्य मार्ग लंबे समय से बदहाल और जर्जर स्थिति में है।
घटना के बाद मौके पर एकत्र हुए वैश्य समाज के लोगों और स्थानीय निवासियों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।
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