Narnaul News Update: हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियरिंग एसोसिएशन के साझा संयुक्त संघर्ष मोर्चा और अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ (HKRN) के आह्वान पर बुधवार को नारनौल स्थित सब-डिवीजन कार्यालय परिसर में बिजली कर्मचारियों ने उग्र प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों ने गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए पैरेलल (समानांतर) लाइसेंस देने के फैसले तथा 11 पावर लिमिटेड से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान विरोध स्वरूप HERC के फैसले की प्रति भी जलाई गई।
प्रदर्शन की अध्यक्षता महेंद्र पाल ने की, जबकि मंच का संचालन HPC नारनौल के यूनिट प्रधान बीरेंद्र यादव ने किया। केंद्रीय परिषद के सह-सचिव सुभाष रोहिल्ला ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो 22 से 24 अक्टूबर तक तीन दिवसीय पूर्ण हड़ताल की जाएगी, जिसमें शत-प्रतिशत कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
किरोड़ीमल सैनी ने विचार रखते हुए कहा कि बिजली कोई व्यापार का साधन नहीं बल्कि आम जनता की बुनियादी जरूरत है, इसलिए सार्वजनिक व्यवस्था को मजबूत रखना जरूरी है। इस प्रदर्शन में SDO लोकेश कुमार, SDO आदित्य वर्मा (सिटी), SDO सोमबीर (TL) और SDO अश्विनी (कंस्ट्रक्शन) सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे।
सर्व कर्मचारी संघ और अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों—महीन्द्र बोयत, कौशल यादव, आशीष गोरा (जिला प्रधान BMS), राजवीर शेखावत (जिला प्रधान AVKSH), कर्मवीर जाखाड़ (प्रदेश सदस्य) और चिंतामणि गुप्ता (जिला सचिव AVKSH)—ने भी समर्थन देते हुए निजीकरण के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
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