Narnaul: हरियाणा सरकार द्वारा कृषि में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के प्रयासों के तहत आज अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर जींद जिले के गांव हमेठी में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिला महेंद्रगढ़ से कृषि विभाग की महिला नोडल अधिकारी एवं कृषि विकास अधिकारी सोनिया (खंड बाछोद, अटेली) के नेतृत्व में प्रगतिशील महिला किसानों ने भाग लिया।
महेंद्रगढ़ जिले की ओर से गांव बवानिया की प्रगतिशील महिला किसान बनारसी देवी और रेणु कार्यक्रम में शामिल रहीं। कार्यक्रम में कृषि के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पर विस्तार से चर्चा हुई और कृषि विभाग की योजनाओं के तहत प्राकृतिक खेती को अधिक से अधिक अपनाने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर डॉ. सुभाष ने बताया कि प्राकृतिक खेती गाय आधारित खेती है। इसमें गाय के गोबर और गोमूत्र से जीवामृत व घन जीवामृत तैयार किए जाते हैं, जिससे भूमि में जीवाणुओं की संख्या बढ़ती है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से किसान की लागत घटती है और भूमि की सेहत में सुधार होता है।
उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से किसानों को गाय पर अनुदान दिया जा रहा है। महेंद्रगढ़ जिले के किसान भी इन योजनाओं का लाभ उठाकर प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में महेंद्रगढ़ सहित भाग लेने वाली सभी महिला नोडल अधिकारियों और प्रगतिशील महिला किसानों को सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने के बाद बनारसी देवी ने कहा कि महेंद्रगढ़ जिले की महिला किसान आपस में समूह बनाकर यहां उगने वाली प्रमुख फसल बाजरा सहित अन्य फसलों के उत्पाद तैयार कर सकती हैं। इन उत्पादों को बाजार में बेचकर वे अपनी आमदनी बढ़ा सकती हैं और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ सकती हैं।
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