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NEET Paper Leak: NEET पेपर लीक में बड़ी सफलता: दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर से मास्टरमाइंड डॉक्टर गिरफ्तार

AAmandeep Singh
NEET पेपर लीक में बड़ी सफलता: दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर से मास्टरमाइंड डॉक्टर गिरफ्तार
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हरियाणा। देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा NEET-UG में मचे घमासान के बीच जांच एजेंसियों के हाथ एक बड़ी मछली लगी है। दिल्ली और हरियाणा की सरहद पर चली एक गुप्त कार्रवाई के दौरान उस डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो पिछले काफी समय से एजेंसियों को चकमा दे रहा था। इस डॉक्टर को इस पूरे पेपर लीक सिंडिकेट का अहम मोहरा और रणनीतिकार बताया जा रहा है। पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर जब आरोपी अपनी लोकेशन बदलने की फिराक में था, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया।

छात्रों को ‘सेफ हाउस’ में रटवाए जाते थे जवाब

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शुरुआती तफ्तीश में जो तथ्य सामने आ रहे हैं, वे चौंकाने वाले हैं। यह डॉक्टर केवल बिचौलिया नहीं था, बल्कि वह ‘सॉल्वर गैंग’ और अभ्यर्थियों के बीच की सबसे मजबूत कड़ी था। जांच के मुताबिक, पेपर लीक होने के बाद यह मास्टरमाइंड छात्रों को गुप्त ठिकानों (सुरक्षित ठिकानों) पर ले जाता था,

जहाँ मोबाइल फोन जमा करवाकर उन्हें रातों-रात उत्तर रटवाए जाते थे। इस काले कारोबार की कीमत भी बेहद ऊंची थी—प्रति छात्र 30 से 50 लाख रुपये की बोली लगाई गई थी। एजेंसियों को शक है कि इस सिंडिकेट को कई रसूखदार लोगों और नामी कोचिंग संस्थानों का मौन समर्थन प्राप्त था।

भविष्य को लेकर छात्रों में उहापोह, सरकार सख्त

इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली और परीक्षा की सुचिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जहाँ एक ओर एजेंसियों का दावा है कि वे इस रैकेट की जड़ तक पहुँच चुकी हैं, वहीं दूसरी ओर लाखों परीक्षार्थी और उनके अभिभावक अधर में लटके हैं।

री-एग्जाम की मांग और कानूनी लड़ाई के बीच इस गिरफ्तारी को ‘डैमेज कंट्रोल’ के तौर पर भी देखा जा रहा है। सरकार और प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, आरोपी डॉक्टर के मोबाइल डेटा और बैंक ट्रांजेक्शन खंगाले जा रहे हैं, जिससे उम्मीद है कि जल्द ही कुछ बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।

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