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Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 1,252, लगातार बारिश से फिर बाढ़ का खतरा

Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 1,252, लगातार बारिश से फिर बाढ़ का खतरा

नेपाल बाढ़ में मृतकों की संख्या 1,252 हुई

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Nepal Flood: नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित इलाकों से लगातार शव बरामद किए जा रहे हैं जिससे मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर बृहस्पतिवार को 1,252 हो गयी है तथा भोटेकोशी नदी के ऊपरी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण फिर से बाढ़ आने का खतरा मंडरा रहा है। नेपाल–तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के कारण आई इस बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। जल एवं मौसम विज्ञान विभाग के बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग की तकनीशियन सरस्वती बिष्टा ने बताया कि बृहस्पतिवार को भोटेकोशी नदी के ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। इसके कारण भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के साथ–साथ रसुवा और नुवाकोट जिलों से होकर बहने वाली छोटी नदियों और जलधाराओं का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। उन्होंने आसपास के इलाकों और नदी के निचले हिस्सों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की।

उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों सहित विभिन्न जिलों में नदियों में अचानक बाढ़ आने का मध्यम स्तर का खतरा बना हुआ है। इनमें तापलेजुंग, पांचथर, तेहरथुम, धनकुटा, संखुवासभा, ओखलढुंगा, उदयपुर, चितवन, गोरखा, तनहूं, लमजुंग, मनांग, मुस्तांग, म्याग्दी, कास्की, स्यांगजा, काठमांडू, ललितपुर और भक्तपुर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के कालिकोट, हुमला, जुम्ला, दैलेख, दार्चुला, बैतड़ी और कालिकोट जिलों में भी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे अचानक बाढ़ आने का कुछ खतरा पैदा हो गया है। नेपाल पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, चितवन जिले से 355 शव, नवलपरासी पूर्व से 218 शव, नवलपरासी पश्चिम से 208 शव बरामद किए गए हैं। नवलपरासी पश्चिम से बरामद शवों में भारत से मिले और बाद में नवलपरासी पश्चिम को सौंपे गए 18 शव भी शामिल हैं।

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इसके अलावा नुवाकोट से 177 शव बरामद किए गए हैं। इसी तरह रसुवा जिले से 127 शव, गोरखा से 69, धादिंग से 60 और तनहूं से 38 शव बरामद किए गए हैं। चीन की ओर, नेपाल सीमा के पास तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में आई अचानक बाढ़ से मरने वालों की संख्या बुधवार तक बढ़कर 21 हो गई थी। वहां अब भी 541 लोग लापता बताए गए हैं। नेपाल सेना के नेतृत्व में संयुक्त बचाव दलों ने बृहस्पतिवार को आपदा के नौवें दिन भी खोज और बचाव अभियान जारी रखा। नेपाल में लापता लोगों की अनुमानित संख्या 4,875 है। ‘काठमांडू पोस्ट’ अखबार के अनुसार, बाढ़ ने रसुवा और नुवाकोट की घाटियों का भू–दृश्य पूरी तरह बदल दिया है। नदी के किनारे और पहले से पहचाने जाने वाले स्थल गायब हो जाने के कारण हेलीकॉप्टर के पायलटों को दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में उड़ान भरते समय अपने अनुभव, अनुशासन और विवेक पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बुधवार को कहा कि इस आपदा और जलवायु परिवर्तन के बीच संबंध को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने मजबूती से उठाया जाना चाहिए। प्रतिनिधि सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि इस आपदा का व्यापक स्तर और स्वरूप हिमालयी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के सामने जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते जोखिमों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। लापता लोगों के परिवार उनके प्रतीकात्मक पुतले बनाकर अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कर रहे हैं। ऐसे दर्जनों पुतलों का बुधवार को पशुपति आर्यघाट में सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया।

इस बीच, नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने बताया कि विनाशकारी बाढ़ के बाद करीब 100 नेपाली नागरिक तिब्बत में लापता हैं। उन्होंने बताया कि तीर्थयात्रा और व्यापारिक उद्देश्यों से तिब्बत गए करीब 3,000 नेपाली नागरिक वहां फंस गए थे। छेत्री के अनुसार, इनमें से 2,500 से अधिक लोग हिल्सा और तातोपानी सीमा नाकों के जरिए सुरक्षित नेपाल लौट चुके हैं। इनमें से कुछ लोग हवाई मार्ग से भी वापस आए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि अब भी तिब्बत के केरुंग सीमा नाके पर करीब 1,500 नेपाली नागरिक फंसे हुए हैं। दोनों देशों के अधिकारी उन्हें सुरक्षित तरीके से नेपाल वापस लाने के उपायों को लेकर बातचीत कर रहे हैं।

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