Jind News: हरियाणा में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों के बीच जींद के उचाना क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहां एक कामकाजी महिला को न सिर्फ अपनी अस्मत गंवानी पड़ी, बल्कि उसकी नाबालिग बेटी को भी मनचलों की हैवानियत का सामना करना पड़ा। आरोपियों के हौसले इस कदर बुलंद थे कि उन्होंने पीड़िता को पुलिस के पास न जाने और गांव छोड़ने तक की धमकी दे डाली। इस दोहरे अपराध ने स्थानीय इलाके में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हिसार से शुरू हुआ प्रताड़ना का यह खौफनाक सिलसिला
पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में पीड़ित महिला ने बताया कि वह मूल रूप से हिसार की रहने वाली है और वर्तमान में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत उचाना के एक गांव में कार्यरत है। नौकरी के सिलसिले में वह अपने बच्चों के साथ यहीं रह रही थी। आरोप है कि बीते 11 जून को जब वह हिसार में थी, तब उचाना के ही रहने वाले सत्येंद्र नाम के शख्स ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। वारदात के बाद जब महिला ने इस घिनौनी हरकत का विरोध किया, तो सत्येंद्र ने उसे जान से मारने की धमकी दी और साफ लफ्जों में कहा कि अगर दोबारा उचाना के गांव में कदम रखा तो अंजाम बुरा होगा।
रास्ते में घेरा, मां को पीटा और बेटी से की अश्लील हरकत
डर और सदमे के बीच पीड़ित महिला जब 15 जून को अपने बच्चों के पास उचाना वापस लौट रही थी, तभी रास्ते में घात लगाए बैठे आरोपियों ने उसे घेर लिया। सत्येंद्र, निक्कू और कुल्फी नाम के युवकों ने बीच रास्ते में महिला का रास्ता रोका और उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान जब मां को बचाने के लिए उसकी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी आगे आई, तो आरोपियों ने मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए उस किशोरी के साथ भी सरेआम अश्लील हरकतें और छेड़छाड़ की। राहगीरों और शोर-शराबा होने के बाद आरोपी मौके से जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, आरोपियों की तलाश तेज
इस खौफनाक आपबीती के बाद हिम्मत जुटाकर पीड़िता उचाना थाने पहुंची और पुलिस को पूरी दास्तान सुनाई। मामले की संवेदनशीलता और नाबालिग लड़की से जुड़ी होने के कारण पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया है। उचाना थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी सत्येंद्र, निक्कू और कुल्फी को नामजद करते हुए तीन अन्य अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।

