Pihowa News: पिहोवा (अभिषेक पूर्णिमा): अपनी जायज मांगों को लेकर सूबे का बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी (MPHW) वर्ग एक बार फिर आंदोलन की राह पर है। लंबे समय से लंबित पड़ी मांगों पर सरकार और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की खामोशी से नाराज कर्मचारियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। इसी कड़ी में कुरुक्षेत्र के पिहोवा स्थित अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला में एसोसिएशन की एक आपात जिला स्तरीय बैठक जिला प्रधान सतीश कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में राज्य कमेटी के पदाधिकारियों ने शिरकत कर स्थानीय कर्मचारियों में जोश भरा और आगामी 5 जुलाई को स्वास्थ्य मंत्री के रामपुरा हाउस आवास पर होने वाले राज्य स्तरीय प्रदर्शन की रणनीतियों को अंतिम रूप दिया।
‘अदालती आदेशों के बावजूद ठंडे बस्ते में हैं फाइलें’
बैठक में विशेष रूप से पहुंचीं एसोसिएशन की प्रदेश उपाध्यक्ष सुदेश देवी और राज्य महासचिव सहदेव आर्य (सांगवान) ने मिशन निदेशक कार्यालय और महानिदेशक कार्यालय के अड़ियल रवैए पर गहरी हैरानी जताई। एक संयुक्त प्रेस बयान में नेताओं ने कहा, “राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले इन कर्मचारियों की लगातार अनदेखी की जा रही है। माननीय न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद एनएचएम में कार्यरत महिला कर्मचारियों को नियमित करने के लिए आज तक कोई नीति (पॉलिसी) नहीं बनाई गई, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
वेतन विसंगति और भत्तों पर फंसा पेच
कर्मचारी नेताओं ने विभाग के भीतर व्याप्त विसंगतियों को रेखांकित करते हुए कहा कि कैडर के मूल वेतनमान FPL 6 का लाभ देने, एमसीएच (MCH), ड्रेस भत्ता और यात्रा भत्ता बहाल करने जैसी बुनियादी मांगें सालों से अटकी पड़ी हैं। इसके अलावा, सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभों और एक पारदर्शी तबादला नीति की कमी के कारण फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
हेल्थ इंस्पेक्टर मनजीत भोला और सीनियर मलेरिया इंस्पेक्टर (SMI) करण सिंह ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में आईपीएचएस (IPHS) नॉर्म्स के तहत नए पद स्वीकृत कर नियमित भर्ती की जानी चाहिए। इसके साथ ही, दो वर्ष का प्रोबेशन पीरियड पूरा कर चुकीं फीमेल कर्मचारियों को कंफर्म करने, प्रमोशनल स्केल जारी करने और साल 2020-23 की बकाया एलटीसी (LTC) का भुगतान करने में विभाग जानबूझकर ढिलाई बरत रहा है।
वार्ता का रास्ता खुला, पर चेतावनी भी साफ
महासचिव सहदेव सांगवान ने दो टूक शब्दों में सरकार को आगाह करते हुए कहा, “हम टकराव नहीं, समाधान चाहते हैं। लेकिन अगर सरकार ने समय रहते हमारी न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो 5 जुलाई को प्रदेशभर के 8 हजार से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारी स्वास्थ्य मंत्री के द्वार पर दस्तक देंगे। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले किसी भी प्रतिकूल असर की पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर शासन और प्रशासन की होगी।”
इस अहम बैठक में कुरुक्षेत्र जिले के कोने-कोने से आए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। मौके पर कैशियर मनदीप, वरिष्ठ साथी जयभगवान, राज रानी, देवेंद्र, नवदीप, संजय, तेजवीर के अलावा एलएचवी (LHV) निर्मला देवी, सुरेंद्र (MPHS M) और नीलम सहित कई सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने एक सुर में आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।

