CM Nayab Saini: कुरुक्षेत्र के लाडवा-बाबैन मार्ग पर बुधवार की देर रात एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने सूबे के मुखिया नायब सिंह सैनी के संवेदनशील इंसान वाले पहलू को सबके सामने ला दिया। अमूमन वीआईपी मूवमेंट के दौरान काफिले सरपट दौड़ जाते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सैनी ने सड़क पर तड़पते दो घायल युवकों को देखकर जो किया, उसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। डीग चौक के पास एक बाइक और ट्रैक्टर-ट्रॉली की भीषण भिड़ंत हो गई थी।
हादसा इतना जबरदस्त था कि दोनों युवक लहूलुहान होकर सड़क पर ही गिर पड़े, जबकि टक्कर मारने वाला ट्रैक्टर चालक मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया।
काफिले की एम्बुलेंस से घायलों को भेजा अस्पताल
उसी दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का काफिला वहां से गुजर रहा था। सड़क पर लगी भीड़ और जमीन पर पड़े घायलों पर जैसे ही मुख्यमंत्री की नजर पड़ी, उन्होंने तुरंत सुरक्षाकर्मियों को गाड़ियां रोकने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री खुद अपनी गाड़ी से उतरे और सीधे घायलों के पास जा पहुंचे।
आसपास रात के वक्त कोई एम्बुलेंस या दूसरा वाहन न पाकर उन्होंने एक पल की भी देरी नहीं की। सीएम ने अपने काफिले के साथ चलने वाली अत्याधुनिक ‘एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस’ को मौके पर तलब किया और दोनों युवकों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र रवाना करवाया। मुख्यमंत्री तब तक मौके पर डटे रहे, जब तक घायलों को लेकर एम्बुलेंस वहां से निकल नहीं गई।
मंदिर के पुजारी को श्रद्धांजलि देकर लौट रहे थे सीएम
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बाबैन में पिछले दिनों मंदिर का गुंबद गिरने की दुखद घटना में जान गंवाने वाले मुख्य पुजारी महंत नटराजन गिरी को श्रद्धांजलि देने गए थे।
वहां से वापस लौटते समय उन्होंने यह हादसा देखा। हादसे में चोटिल युवकों की पहचान बीड़ कलवा निवासी अमित (27) और सूरजगढ़ के रहने वाले रजत कुमार (30) के तौर पर हुई है। दोनों को शाहाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद सीधे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया।
‘गोल्डन ऑवर’ में मदद सबसे बड़ा धर्म: नायब सिंह सैनी
इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क पर किसी को इस हालत में देखना बेहद विचलित करने वाला होता है। एक जनप्रतिनिधि होने से पहले वे एक इंसान हैं और संकट में पड़े व्यक्ति की मदद करना ही सबसे पहला धर्म है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने सभी सांसदों, विधायकों और बड़े अफसरों के दौरों के समय काफिले में एम्बुलेंस अनिवार्य इसीलिए की है ताकि आपातकाल में राह चलते लोगों की जान बचाई जा सके। सीएम ने प्रदेश की जनता से भी अपील की कि वे सड़क हादसों के बाद शुरुआती ‘गोल्डन ऑवर’ (कीमती समय) में घायलों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने याद दिलाया कि हरियाणा सुरक्षित सड़क नीति के तहत नेक काम करने वालों को सरकार सम्मानित भी करती है।

