Best Time to Eat Jamun: Diabetes में रामबाण है जामुन, लेकिन एक दिन में कितने पीस खाना है सुरक्षित? नोट कर लें ये जरूरी गाइडअमृत है जामुन लेकिन खाली पेट खाया तो भुगतना पड़ेगा अंजाम

Best Time to Eat Jamun: आसमान में काले बादल छाते ही बाजारों में ठेले पर गहरे बैंगनी रंग के चमकीले जामुन नजर आने लगते हैं। स्वाद में खट्टा-मीठा और हल्का कसैला यह फल सिर्फ जीभ का स्वाद ही नहीं बदलता, बल्कि पोषक तत्वों की खान भी है। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक विज्ञान तक जामुन को इम्यूनिटी बढ़ाने, ब्लड शुगर नियंत्रित करने और दिल की सेहत दुरुस्त रखने के लिए अचूक नुस्खा मानते हैं।

हमारी संस्कृति में तो इस फल का ऐसा स्थान है कि प्राचीन काल में भारतीय उपमहाद्वीप को ‘जम्बूद्वीप’ यानी जामुन के पेड़ों की धरती कहा जाता था। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि अमृत जैसा यह फल अगर गलत समय पर खाया जाए तो शरीर के लिए मुसीबत भी बन सकता है?

मिड-मॉर्निंग है सबसे बेस्ट टाइम, छिलके में छिपा है असली राज

दिल्ली की जानी-मानी सीनियर डाइटीशियन डॉ. अमृता मिश्रा कहती हैं कि जामुन खाने का सबसे मुफीद समय सुबह नाश्ते के बाद और दोपहर के खाने से ठीक पहले (मिड-मॉर्निंग) का होता है। इस वक्त हमारा पाचन तंत्र सबसे ज्यादा सक्रिय होता है, जिससे जामुन में मौजूद एंथोसायनिन जैसे पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स शरीर में पूरी तरह जज्ब (एब्जॉर्ब) हो पाते हैं।

कई लोग जामुन को छीलने या सिर्फ पल्प खाने की गलती करते हैं, जबकि इसका छिलका ही सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स खून में शुगर की रफ्तार को रोकते हैं। जामुन खाने के बाद करीब आधे घंटे तक कुछ भी खाने-पीने से बचना चाहिए।

खाली पेट खाने की भूल न करें; जानिए दिनभर की सही डोज

अक्सर लोग सुबह-सुबह सैर से लौटकर खाली पेट जामुन खाना शुरू कर देते हैं, जो कि बिल्कुल गलत है। जामुन की तासीर कसैली और एसिडिक होती है, जिससे खाली पेट खाने पर पेट में भारीपन, भयंकर गैस या मरोड़ उठ सकती है। खुराक की बात करें तो एक स्वस्थ व्यक्ति दिन में 10 से 15 जामुन आराम से खा सकता है। वहीं, 5 साल से बड़े बच्चों को शुरुआत में 3 से 4 जामुन ही देने चाहिए। मधुमेह (डायबिटीज) के मरीजों के लिए 8 से 10 जामुन की मात्रा एकदम सुरक्षित है। चूंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बेहद कम होता है, इसलिए यह शुगर को अचानक नहीं बढ़ाता। हालांकि, जरूरत से ज्यादा खाने पर शुगर लेवल सामान्य से बहुत नीचे (हाइपोग्लाइसीमिया) भी जा सकता है।

दूध और दही के साथ भूलकर भी न बनाएं कॉम्बिनेशन

डाइटीशियन डॉ. अमृता मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ फूड कॉम्बिनेशन जामुन के साथ जहर की तरह काम करते हैं। जामुन खाने के तुरंत बाद दूध या दही का सेवन पेट में एसिडिटी का बवंडर ला सकता है। जामुन का एसिड दूध के प्रोटीन को पेट के अंदर ही फाड़ देता है, जिससे ब्लोटिंग और अपच होने लगती है। इसलिए जामुन और दूध के बीच कम से कम 4 घंटे का फासला रखना बेहद जरूरी है।

इसके अलावा, जामुन को बहुत ज्यादा खट्टे फलों जैसे नींबू या संतरे के साथ भी नहीं खाना चाहिए। स्वाद बढ़ाने के लिए आप इस पर हल्का सा काला नमक या पुदीना छिड़क सकते हैं, लेकिन नट्स के साथ इसका सेवन सबसे बेहतरीन माना जाता है, क्योंकि नट्स के हेल्दी फैट्स जामुन की नेचुरल शुगर को धीमे-धीमे पचाते हैं।