Nuh News: नूंह जिले में अवैध रूप से पांव पसार रहे भूमाफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन का हंटर लगातार चल रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को तावड़ू क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव डिढ़ारा और झामूवास में बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। जिला नगर योजनाकार विभाग की टीम ने यहां बिना किसी अनुमति और सीएनएलयू (CNLU) के विकसित की जा रही दो अवैध कॉलोनियों पर सर्जिकल स्ट्राइक की।
देखते ही देखते करीब चार एकड़ में फैला भूमाफियाओं का साम्राज्य मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान किसी भी विरोध से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
शिकायत मिलते ही हरकत में आया विभाग, 4 एकड़ में चला पीला पंजा
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, जिला नगर योजनाकार कार्यालय को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ रसूखदार और प्रॉपर्टी डीलर सरकार की आंखों में धूल झोंककर इन दोनों गांवों के राजस्व क्षेत्र में अवैध कॉलोनियां काट रहे हैं। ये लोग भोले-भाले खरीदारों को सुनहरे सपने दिखाकर सस्ते दामों पर प्लॉट बेचने की फिराक में थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीटीपी बिनेश कुमार खुद ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनकर पूरी टीम और जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचे।
टीम ने पहले डिढ़ारा गांव के प्रतिबंधित क्षेत्र में धावा बोला, जहां लगभग दो एकड़ भूमि पर बनाई गई पक्की सड़कें, प्लॉटिंग, पांच डीपीसी (डैम्प प्रूफ कोर्स) और चारदीवारी को पूरी तरह ढहा दिया गया। इसके तुरंत बाद प्रशासनिक अमला झामूवास गांव पहुंचा और वहां भी दो एकड़ से ज्यादा जमीन पर अवैध रूप से बनाए जा रहे रास्तों और बाउंड्री वॉल को मलबे में मिला दिया गया।
मेहनत की कमाई फंसाने से बचें, प्लॉट खरीदने से पहले करें जांच: DTP
कार्रवाई के बाद जिला नगर योजनाकार अधिकारी बिनेश कुमार ने आम जनता के लिए एक जरूरी एडवायजरी जारी की है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, “भूमाफिया अक्सर आकर्षक विज्ञापनों और झूठे वादों के जाल में फंसाकर लोगों की जिंदगी भर की कमाई हड़प लेते हैं। इसलिए किसी भी अनधिकृत कॉलोनी में निवेश करने से बचें।
कोई भी भूखंड या मकान खरीदने से पहले उसकी वैधता की पुष्टि सीधे हमारे कार्यालय से जरूर करें।” उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि बिना प्रशासनिक मंजूरी के बनाई जा रही कॉलोनियों के खिलाफ विभाग का यह तोड़फोड़ अभियान आगे भी इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा।

