Julana Pregnancy Case: अस्पताल में डिलीवरी के लिए आई लड़की निकली 15 साल की नाबालिग, युवक का खुला खौफनाक राजजुलाना में डिलीवरी के दौरान पकड़ी गई 15 साल की नाबालिग

Julana Pregnancy Case: हरियाणा के जींद जिले के जुलाना में सरकारी अस्पताल के भीतर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब डिलीवरी के लिए लाई गई एक प्रसूता की उम्र के कागजात खंगाले गए। जुलाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में मंगलवार को एक युवक अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने के बाद भर्ती कराने पहुंचा था।

अस्पताल के नियमों के मुताबिक जब डॉक्टरों और स्टाफ ने जच्चा-बच्चा की सुरक्षा और कागजी कार्रवाई के लिए उम्र से संबंधित दस्तावेज मांगे, तो उनके होश उड़ गए। रिकॉर्ड के मुताबिक लड़की की उम्र महज 15 साल थी। अस्पताल प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और बाल संरक्षण विभाग को दी।

आरोपी ने खुद को बताया पति, बहन के घर डिलीवरी कराने आया था जुलाना

अस्पताल से मिली गुप्त सूचना के बाद जींद की महिला थाना पुलिस और चाइल्ड प्रोटेक्शन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। लड़की के साथ आए युवक ने अपनी पहचान दिल्ली निवासी विक्की के रूप में दी और दावा किया कि वह लड़की का पति है और दोनों शादीशुदा हैं। पुलिस की शुरुआती काउंसिलिंग और कड़ाई से की गई पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने कानूनन अपराध की कलई खोल दी।

असल में विक्की के माता-पिता की मौत हो चुकी है। वह दिल्ली में इस नाबालिग को अपनी बातों में फंसाकर साल 2025 से लगातार उसका शारीरिक शोषण कर रहा था। इसी दौरान किशोरी गर्भवती हो गई। दिल्ली में पकड़े जाने के डर से विक्की डिलीवरी कराने के लिए उसे जुलाना में रहने वाली अपनी बहन के घर ले आया था।

हरियाणा पुलिस ने काटी जीरो एफआईआर, दिल्ली पुलिस करेगी आगे की तफ्तीश

नाबालिग के साथ रजामंदी से बनाई गई शारीरिक कड़ियां भी कानूनन बलात्कार की श्रेणी में आती हैं, इस लिहाज से पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत एक्शन लिया। महिला थाना पुलिस ने प्रसव पीड़िता के बयान दर्ज किए और आरोपी विक्की के खिलाफ नाबालिग के यौन शोषण, पोक्सो एक्ट (POCSO) तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। चूंकि अपराध का मुख्य क्षेत्र (क्राइम सीन) दिल्ली का था, इसलिए जुलाना पुलिस ने ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज कर केस की डायरी आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर कर दी है। पीड़िता को डॉक्टरी देखरेख में रखा गया है।