Hansi News: हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत हिसार स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बुधवार को विजिलेंस की टीम ने हांसी में जाल बिछाकर नगर परिषद के एक कच्चे कर्मचारी रवि कुमार को 16,500 रुपये की रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
यह पूरी कार्रवाई इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह के नेतृत्व में अंजाम दी गई। आरोपी रवि कुमार नगर परिषद में पार्कों के रखरखाव का जिम्मा संभालता था, लेकिन वह रसूखदार अधिकारियों की शह पर ठेकेदारों से डीलिंग का काम भी कर रहा था। पुलिस ने घूस के नोटों के साथ उसे भाई जी होटल के ठीक सामने से दबोचा।
एक्सएन की शह पर चल रहा था खेल, फाइल रोकने का आरोप
इस पूरे नेक्सस का खुलासा तब हुआ जब नारनौंद नगर परिषद में ठेकेदारी करने वाले कुलदीप भुक्कल ने विजिलेंस को एक लिखित शिकायत सौंपी। कुलदीप के मुताबिक, उनके मौसेरे भाई का देहांत हो चुका था और उनका करीब 11 लाख रुपये का एक पुराना सरकारी बिल नगर परिषद में अटका हुआ था।
कुलदीप इस फाइल को क्लियर कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। फाइल पर लगभग सभी संबंधित विभागों और बाबुओं के दस्तखत हो चुके थे, लेकिन नगर परिषद हांसी का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे एक्सएन (XEN) विक्की कुमार इस पर अंतिम मुहर नहीं लगा रहे थे। आरोप है कि जब कुलदीप ने उनसे मिन्नतें कीं, तो एक्सएन ने सीधे बात न करके उन्हें कच्चे कर्मचारी रवि कुमार से मिलकर ‘सामान’ (रिश्वत) देने का इशारा किया।
विजिलेंस ने बिछाया जाल, रंगे हाथ दबोचा गया दलाल
शिकायत का गोपनीय स्तर पर सत्यापन करने के बाद विजिलेंस के अफसरों ने अपनी रणनीति तैयार की। तय योजना के मुताबिक, बुधवार को जैसे ही कुलदीप ने एक्सएन के बताए मुताबिक रवि कुमार को 16,500 रुपये थमाए, वैसे ही सादे कपड़ों में पहले से ही मोर्चा संभालकर बैठी विजिलेंस की टीम ने धावा बोल दिया। रवि को संभलने का मौका तक नहीं मिला और टीम ने उसके हाथ धुलवाकर रिश्वत के केमिकल लगे नोट मौके पर ही बरामद कर लिए।
जांच अधिकारी इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी रवि कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस मामले की सबसे बड़ी कड़ी नगर परिषद के एक्सएन विक्की कुमार हैं, जिन्हें प्राथमिकी में नामजद आरोपी बनाया गया है। विजिलेंस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस भ्रष्टाचार के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और जल्द ही आरोपी अधिकारी से भी कड़ी पूछताछ की जा सकती है।

