Ladwa Grain Market: लाडवा अनाज मंडी में रिकॉर्ड तोड़ आवक: पिछले साल से दोगुनी पहुंची सूरजमुखी, ₹7721 के एमएसपी से किसानों की चांदीपिछले साल से दोगुनी पहुंची सूरजमुखी, ₹7721 के एमएसपी से किसानों की चांदी

Ladwa Grain Market: (विजय कौशिक) कुरुक्षेत्र की प्रतिष्ठित लाडवा अनाज मंडी में इन दिनों फसलों की भारी आवक के चलते चारों तरफ चहल-पहल है। इसी बीच मंडी की व्यवस्थाओं को और चुस्त-दुरुस्त करने के लिए हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड (अंबाला जोन) के जोनल इंफोर्समेंट अधिकारी राममेहर जागलान आज अचानक औचक निरीक्षण करने लाडवा पहुंचे। उन्होंने मंडी परिसर का कोना-कोना छाना और खरीद प्रक्रिया, उठान (लिफ्टिंग) की गति के साथ-साथ किसानों व मजदूरों के लिए बिजली, पीने के ठंडे पानी, साफ-सफाई और हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली को बारीकी से परखा। संतोषजनक बात यह रही कि मौके पर सभी इंतजाम दुरुस्त पाए गए। अधिकारी ने अटल किसान-मजदूर कैंटीन का भी मुआयना किया और वहां मिल रहे भोजन की गुणवत्ता की सराहना की।

अधिकारियों की अपील— मंडी में सूखी और पकी फसल लाएं किसान, तभी मिलेगा पूरा दाम

निरीक्षण के दौरान जोनल अधिकारी राममेहर जागलान ने मंडी में मौजूद किसानों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने अन्नदाताओं से एक जरूरी अपील करते हुए कहा, “किसान भाई जल्दबाजी में अपनी फसल को कच्चा न काटें। जब फसल पूरी तरह पक जाए, तभी उसकी कटाई करें और मंडी में लाने से पहले उसे अच्छी तरह सुखा और साफ कर लें। ऐसा करने से आढ़तियों और खरीदारों को मोल-भाव करने का मौका नहीं मिलेगा और किसानों को उनकी उपज का शत-प्रतिशत सही दाम मिलेगा।” उन्होंने याद दिलाया कि मार्केटिंग बोर्ड का मुख्य उद्देश्य केवल टैक्स वसूलना नहीं, बल्कि किसानों को समृद्ध बनाना और उनकी हर समस्या का मौके पर ही निपटारा करना है।

‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ से सीधे खाते में आ रहा पैसा; एमएसपी की गारंटी से खिले किसानों के चेहरे

इससे पहले, लाडवा मार्केट कमेटी के चेयरमैन गणेश दत्त ने मंडी कार्यालय में आढ़तियों और स्थानीय किसान प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का जिक्र करते हुए गणेश दत्त ने कहा कि सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें जमीन पर उतारा है। आज हरियाणा देश का इकलौता ऐसा राज्य है जो 24 फसलों पर एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की गारंटी दे रहा है। ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल के माध्यम से फसलों का एक-एक दाना पारदर्शिता से बिक रहा है और बिचौलियों की भूमिका खत्म कर सीधे किसानों के बैंक खातों में भुगतान भेजा जा रहा है। इसके अलावा, आलू, टमाटर और बाजरा उगाने वाले किसानों को घाटे से बचाने के लिए ‘भावांतर भरपाई योजना’ संजीवनी साबित हो रही है।

मक्के और सूरजमुखी के आंकड़ों ने तोड़े रिकॉर्ड; गीले मक्के की सीधी बिक्री से बची मजदूरी

लाडवा मंडी के सचिव संत कुमार ने व्यापार के जो आंकड़े पेश किए, वे बेहद उत्साहजनक हैं। सचिव के मुताबिक, इस सीजन में अब तक मंडी में 6,700 क्विंटल सूरजमुखी की आवक हो चुकी है, जो पिछले साल की समान अवधि (2,750 क्विंटल) से दोगुने से भी अधिक है। इस साल सरकार सूरजमुखी पर 7,721 रुपये प्रति क्विंटल का एमएसपी दे रही है, जो पिछले साल के 7,280 रुपये से काफी ज्यादा है।

वहीं, मक्के की बात करें तो लाडवा में मक्के की बंपर आवक (1.70 लाख क्विंटल) दर्ज की गई है। सूखा मक्का जहां 2,100 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है, वहीं गीला (कच्चा) मक्का भी 1,200 से 1,400 रुपये के बीच हाथों-हाथ उठ रहा है। गीले मक्के की इस सीधी बिक्री से किसानों को सबसे बड़ा फायदा यह हो रहा है कि उन्हें फसल सुखाने की सिरदर्दी नहीं झेलनी पड़ रही, जिससे उनकी सुखाई की मजदूरी और वजन घटने का नुकसान बच रहा है। इस मौके पर मंडी प्रधान राजीव आर्य, सचिव दीपक चौधरी, रवि बेदी, जगदीप गुढ़ा और प्रमोद धवन सहित बड़ी संख्या में आढ़ती मौजूद रहे।