Kolkata Viral Violin: तमाम दुश्वारियों और उम्र के आखिरी पड़ाव पर भी जब हौसला जिंदा रहे, तो जिंदगी खुद-ब-खुद एक मिसाल बन जाती है। इन दिनों सोशल मीडिया पर कोलकाता की सड़कों से आया एक वीडियो इसी जीवंतता की गवाही दे रहा है। वीडियो में 80 साल के एक बुजुर्ग, भगवान मल्लिक, फुटपाथ के एक कोने में बैठकर अपनी करीब चार दशक पुरानी, जर्जर और टूटी हुई वायलिन पर सुर छेड़ते नजर आ रहे हैं।
ढलती उम्र के कारण आंखें अब उतनी साफ नहीं देख पातीं, लेकिन उंगलियां आज भी वायलिन के तारों पर अचूक बैठती हैं। रोज राहगीरों से मिलने वाले चंद रुपयों (करीब 100 रुपये) से अपना घर चलाने वाले इस गुमनाम कलाकार की कहानी ने अब देश के दिग्गज बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा को भी झकझोर कर रख दिया है।
पिता की आखिरी निशानी बनी जीने का सहारा, बचपन से शुरू हुआ था संघर्ष
भगवान मल्लिक की यह सुरीली कला दरअसल उनके आंसुओं और संघर्षों की उपज है। बेहद कम उम्र में ही उनके सिर से माता-पिता का साया उठ गया था। पिता, जो खुद एक संगीतप्रेमी थे, उन्होंने ही बचपन में भगवान को वायलिन पकड़ना और सुरों को साधना सिखाया था। पिता की मौत के बाद विरासत में मिला यह हुनर ही उनकी भूख मिटाने का जरिया बन गया।
वक्त बदला, शहर बदले और हालात बदतर होते गए, लेकिन मल्लिक ने कभी अपनी वायलिन का साथ नहीं छोड़ा। आज भी वे हर शाम अपनी इस टूटी वायलिन को लेकर निकल पड़ते हैं, ताकि स्वाभिमान के साथ दो वक्त की रोटी का इंतजाम कर सकें।
वायरल वीडियो ने रातों-रात बदला मंजर, पत्नी हर कदम पर साथ
इस बुजुर्ग दंपत्ति की सादगी और संघर्ष तब दुनिया के सामने आया जब एक राहगीर ने इनकी वायलिन बजाते हुए वीडियो रिकॉर्ड कर इंटरनेट पर पोस्ट कर दी। वीडियो में मल्लिक की पत्नी भी उनके साथ बैठी नजर आ रही हैं, जो हर अच्छे-बुरे वक्त में उनकी ढाल बनी रही हैं। देखते ही देखते इस वीडियो को लाखों व्यूज मिल गए और लोगों की आंखें नम हो गईं। नेटिजन्स इस बात से हैरान थे कि जो कला बड़े-बड़े थियेटरों की शोभा बढ़ानी चाहिए थी, वह आज फुटपाथ पर दम तोड़ने को मजबूर है।
आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया से मांगी मदद, बोले- ‘मुझे इनका पता चाहिए’
हमेशा देश के कोने-कोने से हुनरमंदों को तलाश कर उनकी सराहना करने वाले आनंद महिंद्रा की नजर जैसे ही इस वीडियो पर पड़ी, उन्होंने तुरंत इसे अपने ऑफिशियल ‘एक्स’ (ट्विटर) हैंडल पर रीपोस्ट किया। महिंद्रा ने लिखा कि भगवान मल्लिक के संगीत के प्रति इस अटूट जज्बे ने उन्हें अंदर तक प्रभावित किया है और वे व्यक्तिगत रूप से इस बुजुर्ग कलाकार की आर्थिक मदद करना चाहते हैं।
“इस वीडियो में संगीत की जो आत्मा है, उसने मेरा दिल छू लिया। मैं इनकी मदद करना चाहता हूं, लेकिन दुर्भाग्य से इस वीडियो में इनका कोई निश्चित पता या संपर्क नंबर नहीं है। अगर कोलकाता का कोई भी नागरिक या सोशल मीडिया यूजर इनके बारे में सटीक जानकारी दे सके, तो कृपया साझा करें।”
— आनंद महिंद्रा, चेयरमैन, महिंद्रा ग्रुप
महिंद्रा की इस अपील के बाद अब कोलकाता के स्थानीय लोग और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भगवान मल्लिक की लोकेशन और उनके घर का पता लगाने में जुट गए हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस बुजुर्ग कलाकार के दिन बहुरेंगे और उनकी टूटी वायलिन को एक नया रूप और नया मंच मिल सकेगा।

