Kurukshetra News: ज्योतिसर| (पवन शर्मा) गर्मियों की छुट्टियों में अपनों से मिलने और दो पैसे कमाने की चाहत लेकर हरियाणा आए एक उत्तर प्रदेश के किशोर के साथ जो हुआ, उसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर क्षेत्र में पड़ने वाले मिर्जापुर गांव के पास रविवार सुबह करीब 11 बजे एक दिल दहला देने वाला वाकया सामने आया।
नरवाना ब्रांच नहर के किनारे राह चलते युवकों को नहाता देख यूपी के बदायूं जिले के रहने वाले 18 वर्षीय रोहित ने भी पानी में उतरने की जिद पकड़ ली। मामा के बार-बार टोकने और पानी की भयावह रफ्तार का वास्ता देने के बावजूद, ‘मुझे तैरना आता है’ कहकर रोहित ने नहर में छलांग लगा दी। कुछ सेकंड तक वह पानी की सतह पर हाथ-पैर मारता का दिखा, लेकिन कुरुक्षेत्र की इस नहर का जानलेवा करंट उसे तिनके की तरह बहा ले गया।
गर्मियों की छुट्टियों में आया था कुरुक्षेत्र, खरीदी थी घर वापस जाने के लिए पोशाक
नहर किनारे बिलख रहे राजवीर ने बताया कि वह पिछले चार महीनों से कुरुक्षेत्र के खानपुर गांव में एक ठेकेदार के मातहत राजमिस्त्री का काम करते हैं। बदायूं के बिसौली का रहने वाला उनका 11वीं कक्षा का भांजा रोहित भी कुछ दिन पहले ही छुट्टियां बिताने और काम में हाथ बंटाने उनके पास आया था।
रविवार का दिन रोहित के घर लौटने का दिन था। शाम की ट्रेन या बस से उसे वापस बिसौली जाना था, जिसके लिए दोनों मामा-भांजे कुरुक्षेत्र बाजार से नए कपड़े और घर के लिए कुछ सामान खरीदकर लौट रहे थे। किसे पता था कि घर लौटने की इस खुशी का सफर मिर्जापुर गांव के पास आकर हमेशा के लिए थम जाएगा।
‘मैं तैर लूंगा…’ कहकर कूदा और फिर कभी ऊपर नहीं आया
राजवीर के मुताबिक, जब वे मिर्जापुर के पास पहुंचे तो नहर में कुछ स्थानीय लड़कों को नहाते देख रोहित मचल गया। राजवीर ने पानी के खतरे को भांपते हुए उसे सख्ती से डांटा और आगे बढ़ने को कहा। लेकिन रोहित ने अति-आत्मविश्वास में आकर कहा कि वह अच्छा तैराक है और उसे कुछ नहीं होगा।
चश्मदीदों के मुताबिक, छलांग लगाने के कुछ ही देर बाद जब रोहित पानी के दबाव को नहीं झेल पाया, तो उसने मदद के लिए हाथ भी उठाए। किनारे खड़े मामा और राहगीरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन नदी का वेग इतना ज्यादा था कि रोहित पलक झपकते ही आंखों से ओझल हो गया।
देर शाम तक चला एसडीआरएफ का रेस्क्यू, अंधेरा होने के कारण रोकना पड़ा काम
हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों की मदद से डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही ज्योतिसर पुलिस चौकी प्रभारी नरेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की फ्लड यूनिट को बुलाया गया।
“हमें डायल-112 के जरिए एक युवक के नरवाना ब्रांच नहर में डूबने की सूचना मिली थी। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों के साथ-साथ एसडीआरएफ की टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया। नहर में पानी का डिस्चार्ज और बहाव काफी तेज है, जिसके चलते सर्च ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आ रही हैं। देर शाम तक कई किलोमीटर के दायरे में तलाश की गई है, लेकिन अभी तक रोहित का कुछ पता नहीं चल पाया है। अंधेरा होने के कारण सर्च ऑपरेशन को फिलहाल रोकना पड़ा है, जिसे सोमवार सुबह दोबारा शुरू किया जाएगा।”
— नरेश कुमार, चौकी प्रभारी, ज्योतिसर

