Rewari News: गढ़ी बोलनी के ग्रामीणों ने कोटकासिम रोड पर लगाया जाम, बिजली-पानी को लेकर फूटा गुस्सामंत्री को शिकायत के बाद भी नहीं मिली बिजली-पानी, गढ़ी बोलनी में चक्का जाम

Rewari News: हरियाणा के रेवाड़ी से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है, जहां बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे गढ़ी बोलनी गांव के लोगों के सब्र का बांध सोमवार सुबह आखिरकार टूट गया। भयंकर गर्मी और उमस के बीच पानी-बिजली के संकट से जूझ रहे सैकड़ों ग्रामीणों ने रेवाड़ी-कोटकासिम मुख्य मार्ग पर पत्थर और बल्लियां लगाकर जाम ठोक दिया।

प्रदर्शनकारियों में शामिल महिलाओं और बुजुर्गों ने जिला प्रशासन और स्थानीय नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस चक्का जाम के कारण हाईवे के दोनों तरफ गाड़ियों के पहिये थम गए और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

“पाइपलाइन तोड़ दी, 10 दिन से प्यासे मर रहे हैं लोग”

जाम लगाकर बैठे ग्रामीणों ने स्थानीय व्यवस्था को आड़े हाथों लेते हुए बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गांव में चल रही आपसी राजनीतिक खींचतान का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

कथित तौर पर चुनावी रंजिश और वर्चस्व की जंग के चलते गांव की मुख्य पेयजल पाइपलाइन को ही तोड़ दिया गया, जिसके कारण पिछले 10 दिनों से घरों के नल सूखे पड़े हैं। ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा, “हमारे यहां न तो कोई पार्षद सुन रहा है और न ही सरपंच। भीषण गर्मी में हमें प्यासा मारने की साजिश रची जा रही है और ऊपर से बिजली के अघोषित कटों ने रात की नींद भी हराम कर दी है।”

शिकायत के बाद भी सो रहा है प्रशासन

अपनी सुध न लिए जाने से नाराज ग्रामीणों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर वे पहले भी इलाके के मंत्री और आला अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंप चुके हैं। इसके बावजूद धरातल पर समाधान के नाम पर एक ईंट तक नहीं हिली। प्रशासनिक अनदेखी से नाराज लोगों का कहना है कि जब तक मौके पर कोई बड़ा अधिकारी आकर लिखित में आश्वासन नहीं देता और पानी-बिजली बहाल नहीं होती, तब तक वे सड़क से एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।

डंपर ने ली बुजुर्ग महिला की जान, सहमे हैं ग्रामीण

सड़क जाम करने की एक बड़ी वजह गांव से होकर गुजरने वाले भारी और बेकाबू वाहन भी हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 6 महीने पहले रेवाड़ी-कोटकासिम रोड को फोरलेन करने के लिए खुदाई की गई थी, लेकिन ठेकेदार और विभाग की लापरवाही के कारण निर्माण कार्य कछुआ गति से चल रहा है।

मुख्य सड़क बंद होने के चलते बड़े-बड़े डंपर और ट्रक गांव के रिहायशी रास्तों से होकर गुजर रहे हैं। रफ्तार तेज होने की वजह से यहां चौबीसों घंटे हादसों का साया मंडराता रहता है। पिछले दिनों ही एक तेज रफ्तार डंपर ने सड़क किनारे खड़ी गांव की एक बुजुर्ग महिला को बेरहमी से कुचल दिया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद भी प्रशासन ने भारी वाहनों की एंट्री रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।