Uttar Pradesh: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 8 आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए, पुलिस ने नहीं मांगी रिमांडराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 8 आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

Uttar Pradesh: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। सोमवार को सभी आठ आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने उनकी रिमांड की मांग नहीं की। इसके बाद अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी। दूसरी ओर पुलिस बैंक खातों, दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। वहीं पूर्व पदाधिकारियों चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव से भी पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए।

कोर्ट ने आठों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा
सोमवार को गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों की कस्टडी रिमांड नहीं मांगी। इसके बाद अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अब वे अगली सुनवाई तक न्यायिक अभिरक्षा में रहेंगे। मामले की अगली तारीख 13 जुलाई निर्धारित की गई है।

बैंक खातों और लेनदेन की जांच में जुटी पुलिस
जांच के क्रम में सोमवार सुबह पुलिस अयोध्या धाम स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा पहुंची। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार सात आरोपियों के खाते इसी शाखा में संचालित हैं। पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट और अन्य वित्तीय विवरण अपने कब्जे में लिए हैं। अब यह जांच की जाएगी कि मंदिर में नियुक्ति के बाद उनके खातों में कितनी राशि जमा हुई और लेनदेन का स्वरूप क्या रहा। इस संबंध में बैंक के दो कर्मचारियों को भी नोटिस जारी किया गया है।

पूर्व पदाधिकारियों से पूछताछ, सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा मामला
मामले की जांच के दौरान पूर्व पदाधिकारियों चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पूछताछ की गई तथा उनके बयान दर्ज किए गए। पूछताछ के बाद चंपत राय दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इस बीच मामले में सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट पहुंची, लेकिन अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि नियमित प्रक्रिया के अनुसार छुट्टियों के बाद इस पर विचार किया जाएगा।

अयोध्या के वकीलों की बैठक, आरोपियों की पैरवी नहीं करने का फैसला
मामले को लेकर अयोध्या के अधिवक्ताओं की एक बैठक भी आयोजित हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि चढ़ावा चोरी के आरोपियों की ओर से कोई भी स्थानीय वकील अदालत में पैरवी नहीं करेगा। बैठक में कुछ अधिवक्ताओं ने चंपत राय, गोपाल राव और डॉ. अनिल मिश्रा से अयोध्या छोड़ने की मांग भी उठाई। साथ ही चेतावनी दी गई कि मांग पूरी नहीं होने पर आगे आंदोलन किया जाएगा।

एसआईटी रिपोर्ट के बाद तेज हुई कार्रवाई
चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया। एसआईटी ने 23 जून को अपनी रिपोर्ट अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को सौंपी, जिसके आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। जांच के दौरान आरोपियों के घरों से दस्तावेज, नकदी, आभूषण और एक डायरी भी बरामद की गई, जिनकी जांच जारी है। पुलिस का मानना है कि बरामद दस्तावेज और डायरी से मामले के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला