Haryana Politics: रोहतक में गरजे भूपेंद्र सिंह हुड्डा, हरियाणा बैंक घोटाले पर उठाए बड़े सवाल
कबीर जयंती पर रोहतक पहुंचे भूपेंद्र हुड्डा, आस्था के नाम पर राजनीति करने वालों को दी नसीहत
Haryana Politics: हरियाणा की सियासत में इन दिनों घोटालों और राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर बयानों के तीर खूब चल रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को रोहतक के कांग्रेस भवन में संत कबीर जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक साथ कई समसामयिक मुद्दों पर सरकार की घेराबंदी की।
मीडिया से मुखातिब होते हुए नेता प्रतिपक्ष ने साफ कहा कि मौजूदा शासनकाल में जनता महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रही है, जबकि सरकार अपनी जवाबदेही से बचने के लिए रोज नए पैंतरे अपना रही है।
“आस्था से खिलवाड़ मंजूर नहीं, सच सामने आना जरूरी”
राम मंदिर से जुड़े ताजा विवाद पर बोलते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बेहद नपे-तुले लेकिन सख्त लहजे में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “यह मामला देश के करोड़ों राम भक्तों की आस्था से सीधा जुड़ा है, लिहाजा इसमें किसी भी तरह की लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
” हुड्डा ने पूरे प्रकरण की एक उच्च स्तरीय और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि जांच का दायरा ऐसा होना चाहिए जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। उनका कहना था कि कोई भी असली दोषी बचना नहीं चाहिए और किसी निर्दोष पर बेवजह उंगली नहीं उठनी चाहिए, तभी इस व्यवस्था में जनता का अटूट विश्वास कायम रहेगा।
बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
जब हुड्डा से पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की चर्चाओं को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने सत्तापक्ष की प्राथमिकताओं पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी चुनी हुई सरकार का मुख्य काम समाज में भाईचारा बढ़ाना, रोजगार देना और विकास की रूपरेखा तैयार करना होता है।
मगर आज हो इसके उलट रहा है; आम आदमी कमरतोड़ महंगाई, बेरोजगारी और किसान अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार इन जलते हुए मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए समाज को आपस में बांटने वाले विषयों को हवा दे रही है।
“जज की निगरानी में हो हरियाणा बैंक घोटाले की जांच”
हरियाणा के हालिया बहुचर्चित बैंक घोटाले का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए। हुड्डा ने कहा कि इस पूरे घालमेल में कई बड़े आईएएस अधिकारियों के नाम उजागर हुए हैं, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच किसी सामान्य एजेंसी के बजाय हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा या सेवानिवृत्त जज की देखरेख में स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए।
हुड्डा यहीं नहीं रुके, उन्होंने अतीत का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में धान घोटाला और किलोमीटर स्कीम जैसे कई बड़े मामले सामने आए, लेकिन किसी की भी आज तक निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि यह पूरी तरह घोटालों की सरकार बन चुकी है। इससे पहले, कार्यक्रम के दौरान हुड्डा सहित तमाम कांग्रेस नेताओं ने संत कबीर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके सामाजिक सद्भाव और समानता के संदेश को याद किया।
