Ambala Breaking News: खेत में खेल रहा 4 साल का निर्भय 220 फीट गहरे बोरवेल में गिरा
धन्यौड़ा गांव में 220 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 4 साल का निर्भय, सेना तैनात
Ambala Breaking News: हरियाणा के अंबाला से एक बेहद विचलित करने वाली खबर सामने आ रही है। यहां के धन्यौड़ा गांव में मंगलवार की सुबह-सुबह एक हंसता-खेलता परिवार गहरे सदमे में डूब गया। महज 4 साल का मासूम बच्चा निर्भय अपने चाचा हरनेक सिंह के खेत में बने 220 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिर गया। घटना सुबह करीब साढ़े 6 बजे की बताई जा रही है। हादसे की खबर जंगल में आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई, जिसके बाद ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। हर कोई बच्चे की सलामती के लिए दुआएं मांग रहा है।
पैर फिसलने से हुआ हादसा, चाचा के खेत में खेल रहा था मासूम
मिली जानकारी के मुताबिक, 4 वर्षीय निर्भय सुबह अपने पिता के साथ खेत पर आया हुआ था। पिता अपने काम में व्यस्त थे और निर्भय पास ही अपने चाचा हरनेक सिंह के खेत में खेल रहा था। इसी दौरान वहां खुले पड़े एक बोरवेल के पास अचानक बच्चे का पैर फिसल गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या उसे बचाने के लिए दौड़ता, मासूम निर्भय सीधे उस अंधेरे और गहरे कुएं की गहराई में समा गया। बच्चे के गिरने की आवाज सुनते ही पिता और आसपास के लोग चीखते हुए बोरवेल की तरफ भागे।
सेना और SDRF ने संभाला मोर्चा, युद्धस्तर पर रेस्क्यू जारी
परिजनों ने बिना एक पल गंवाए गांव के सरपंच को इसकी जानकारी दी, जिन्होंने तुरंत जिला प्रशासन और पुलिस को अलर्ट किया। मामले की संवेदनशीलता और बोरवेल की 220 फीट की भारी-भरकम गहराई को देखते हुए अंबाला के प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को मौके पर बुलाया। हालात की गंभीरता को भांपते हुए भारतीय सेना को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल किया गया है। मौके पर जेसीबी मशीनें पहुंच चुकी हैं और बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने व उसे सुरक्षित निकालने के लिए समानांतर गड्ढा खोदने की तैयारी की जा रही है।
प्रशासन मुस्तैद, ग्रामीणों की सांसें अटकीं
घटनास्थल पर इस समय भारी तनाव का माहौल है। बच्चे की मां और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्हें ढांढस बंधाने के लिए पूरा गांव वहां मौजूद है। जिला प्रशासन के आला अधिकारी खुद मौके पर खड़े होकर पल-पल की निगरानी कर रहे हैं। डॉक्टरों की एक विशेष टीम को भी एम्बुलेंस के साथ मौके पर तैनात रखा गया है ताकि बच्चे को बाहर निकालते ही तुरंत इलाज दिया जा सके। फिलहाल रेस्क्यू टीमें तकनीक और कैमरे की मदद से बोरवेल के भीतर बच्चे की हलचल और उसकी स्थिति का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।
