Pune Fort Murder Case: सिया गोयल मर्डर मिस्ट्री में नया मोड़, वकील ने भाई को भेजा 10 करोड़ का नोटिस
पुणे के लोहागढ़ किला हत्याकांड में आरोपी सिया गोयल के वकील को लेकर विवाद बढ़ गया है। एडवोकेट आशुतोष ने भाई साहिल को 10 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा है।
Ketan Agarwal Murder Probe : महाराष्ट्र के पुणे में स्थित लोहागढ़ किले में हुए केतन अग्रवाल हत्याकांड ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले की मुख्य आरोपी सिया गोयल की पैरवी कौन कर रहा है, इस बात को लेकर दो वकीलों के बीच कानूनी जंग छिड़ गई है। पुणे के नामचीन वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने खुद को सिया का अधिकृत वकील बताते हुए दावा किया है कि सिया ने स्वेच्छा से उनके पक्ष में वकालतनामा साइन किया था। दूसरी तरफ, सिया के भाई साहिल गोयल ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उनके परिवार ने वकील विपुल दुशिंग को इस केस के लिए चुना है। यह विवाद तब और गहरा गया जब कोर्ट में सुनवाई के दौरान खुद आरोपी सिया गोयल ने कह दिया कि आशुतोष श्रीवास्तव उनके वकील नहीं हैं और विपुल दुशिंग ही उनकी पैरवी कर रहे हैं। इस बयान से नाराज होकर एडवोकेट श्रीवास्तव ने सिया के भाई साहिल को 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेज दिया है।
वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने लगाया पेशेवर छवि खराब करने का आरोप
एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने साहिल गोयल को भेजे 10 पन्नों के कानूनी नोटिस में साफ कहा है कि उनके खिलाफ दिए गए मीडिया बयान पूरी तरह झूठे, भ्रामक और मानहानिकारक हैं। उन्होंने नोटिस में स्पष्ट किया कि सिया गोयल एक वयस्क हैं और उन्होंने खुद कानूनी तौर पर अपनी मर्जी से वकालतनामे पर हस्ताक्षर किए थे। श्रीवास्तव का आरोप है कि साहिल के सार्वजनिक बयानों के कारण समाज और कानूनी बिरादरी में उनकी पेशेवर साख को गहरा धक्का लगा है, जिससे उन्हें मानसिक तनाव और व्यापारिक नुकसान झेलना पड़ा है। उन्होंने साहिल से सोशल मीडिया, यूट्यूब और व्हाट्सएप ग्रुप्स से सभी विवादित वीडियो हटाने, 48 घंटे के भीतर बिना शर्त लिखित माफी मांगने और 7 दिनों के अंदर 10 करोड़ रुपये का हर्जाना देने की मांग की है।
केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस का बड़ा खुलासा, जलाया गया था पासपोर्ट
इस कानूनी विवाद के बीच, वडगांव मावल कोर्ट ने सोमवार को मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की पुलिस कस्टडी को और पांच दिनों के लिए बढ़ा दिया है। कोर्ट में पुलिस ने जो खुलासे किए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। जांच अधिकारियों ने अदालत को सूचित किया कि आरोपी सिया गोयल ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से अपने मंगेतर केतन अग्रवाल का पासपोर्ट फाड़कर आग के हवाले कर दिया था, जिसके अवशेष बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि 18 जून को केतन को किले की पहाड़ी से नीचे धकेलने के बाद दूसरे आरोपी चेतन चौधरी ने अपने कपड़े बदले थे और उसके बाद की गतिविधियों का रूट मैप तैयार करना अभी बाकी है।
सीन रिक्रिएशन और कॉल रिकॉर्ड्स खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री की कड़ियों को जोड़ने के लिए दोनों आरोपियों को लोहागढ़ किले पर ले जाकर क्राइम सीन का रिक्रिएशन करना चाहती है। इसके साथ ही, वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपियों के बीच फोन पर हुई बातचीत के कॉल डिटेल्स (CDR) की भी गहराई से जांच की जा रही है। जांच टीम इस बात का पुख्ता सबूत जुटाने में लगी है कि केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने की साजिश कब और कैसे रची गई थी। इस हत्याकांड ने आम जनता को झकझोर कर रख दिया है, और लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि प्रेम त्रिकोण में हुए इस जघन्य अपराध के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है।
