Gurugram News: गुरुग्राम के सेक्टर-85 में पार्किंग विवाद, दबंगों ने 20 से अधिक गाड़ियों के तोड़े शीशे
20 कारों में तोड़फोड़ के बाद भी पुलिस को नहीं मिली शिकायत
Gurugram News: गुरुग्राम के सेक्टर-85 में रविवार देर रात दबंगों ने कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। यहां सोसाइटी के पास एक खाली मैदान में चल रही निजी पार्किंग के भीतर खड़ी करीब 20 से अधिक कारों को निशाना बनाया गया। कार मालिकों को सोमवार सुबह जब अपने वाहनों के पास पहुंचे, तो उनके होश उड़ गए।
गाड़ियों के फ्रंट वाले शीशे ईंटों और भारी पत्थरों के वार से बुरी तरह बिखरे पड़े थे। ऐसा प्रतीत होता है कि हमलावरों ने इस तोड़फोड़ को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया, क्योंकि गाड़ियों के अन्य हिस्सों को नुकसान न पहुंचाकर सिर्फ विंडशील्ड को ही टारगेट किया गया।
रंजिश में पिस गए आम लोग, कवर हटाकर की तोड़फोड़
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस पार्किंग को लेकर पिछले काफी समय से दो पक्षों में खींचतान चल रही है। लगभग एक सप्ताह पहले भी इसी स्थान पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और कहासुनी हुई थी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह हमला उसी रंजिश का नतीजा है, जिसमें एक पक्ष ने अपनी ताकत दिखाने के लिए आम लोगों की गाड़ियों को निशाना बनाया।
एक पीड़ित ने बताया कि कई गाड़ियों पर सुरक्षा के लिए कवर डाले गए थे, जिन्हें पहले हटाया गया और फिर बेरहमी से शीशे तोड़े गए। यह साफ तौर पर किसी सोची-समझी गुंडागर्दी की ओर इशारा करता है, जहां दबंगों को कानून का कोई खौफ नजर नहीं आता।
पुलिस की खामोशी पर उठे सवाल:
“पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार के मुताबिक, सूचना मिलते ही खेड़की दौला थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और प्रभावित वाहन मालिकों को शिकायत देने के लिए कहा, लेकिन मंगलवार शाम तक किसी ने भी सामने आकर लिखित शिकायत नहीं दी है। फिलहाल, पुलिस अपने स्तर पर मामले की तहकीकात करने का दावा कर रही है।”
शिकायत के अभाव में रुकी कार्रवाई
हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में गाड़ियों के साथ हुई तोड़फोड़ के बाद भी लोग औपचारिक शिकायत दर्ज कराने से बच रहे हैं। आमतौर पर ऐसे मामलों में पीड़ितों की चुप्पी के पीछे अपराधियों का डर या आपसी समझौते की संभावना मानी जाती है।
फिलहाल, खेड़की दौला पुलिस इस मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए पीड़ितों के आगे आने का इंतजार कर रही है। जब तक कोई पक्ष आधिकारिक रूप से शिकायत नहीं देता, तब तक पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के बजाय महज पूछताछ तक सीमित है।
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