Haryana weather: हरियाणा के 18 जिलों में बारिश और आंधी का येलो अलर्ट, मौसम विभाग ने दी चेतावनी
हरियाणा में 4 से 7 जुलाई तक होगी भारी बारिश
Haryana weather: चंडीगढ़ समेत पूरे हरियाणा में मानसून की दस्तक के बाद से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विज्ञान विभाग ने आज प्रदेश के 18 जिलों में आंधी, तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए आम जनता को सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों या जर्जर इमारतों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी है।
इन जिलों में दिखेगा असर, सिरसा रहा सबसे गर्म
मौसम विभाग की मानें तो पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और भिवानी में आज मौसम का कड़ा रुख देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दूसरी तरफ, बारिश के बावजूद सिरसा जिला 36.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ राज्य में सबसे गर्म दर्ज किया गया, हालांकि प्री-मानसून और मानसून की गतिविधियों के कारण उमस से थोड़ी राहत जरूर मिली है।
4 से 7 जुलाई तक झमाझम बारिश के आसार: मौसम वैज्ञानिक की भविष्यवाणी
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन लाल खिचड़ ने बताया कि पिछले दो दिनों से उत्तर और दक्षिण हरियाणा के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश दर्ज की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले दो दिन तक राज्य में मौसम ऐसा ही बना रहेगा और हल्की बौछारें गिरेंगी। असली खेल 4 जुलाई से शुरू होगा, जब मानसून की ट्रफ लाइनें पूरी तरह सक्रिय होंगी। 4 से 7 जुलाई के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।
पश्चिमी जिलों में कम, दक्षिण हरियाणा में बरसेगा ज्यादा पानी
डॉ. खिचड़ के पूर्वानुमान के मुताबिक, मानसून की यह वेदर प्रणाली राज्य के सभी हिस्सों को एक समान प्रभावित नहीं करेगी। हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी और चरखी दादरी जैसे पश्चिमी जिलों में अपेक्षाकृत कम बारिश होने की उम्मीद है। इसके विपरीत, दक्षिण हरियाणा के जिलों में मानसून पूरी तरह मेहरबान रहेगा और यहाँ मध्यम से तेज बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे तापमान में और बड़ी गिरावट आएगी।
किसानों के चेहरे खिले: धान की रोपाई और बिजाई को मिलेगी रफ्तार
यह मानसूनी बारिश हरियाणा के अन्नदाताओं के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय खेतों को पानी की सख्त जरूरत थी। इस बारिश से उन किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो पानी की कमी के कारण धान की रोपाई नहीं कर पा रहे थे। इसके अलावा, बाजरा, ग्वार और अन्य खरीफ फसलों की बिजाई का काम भी अब तेजी पकड़ सकेगा। ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम होने से किसानों की लागत में भी बड़ी कमी आएगी।
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