Yamunanagar News: यमुनानगर में यूरिया तस्करों पर पुलिस का हंटर, बिना नंबर के ट्रक से 450 बैग सरकारी खाद बरामद, ड्राइवर फरार
बिना नंबर के ट्रक से 450 बैग सरकारी खाद बरामद, ड्राइवर फरार
Yamunanagar News: किसानों के हक के सरकारी यूरिया को औद्योगिक मुनाफे के लिए मोड़ने वाले तस्करों के खिलाफ यमुनानगर पुलिस और कृषि विभाग ने शिकंजा कस दिया है। रादौर इलाके में देर रात हुई एक बड़ी छापेमारी में अधिकारियों ने कृषि योग्य यूरिया से आकंठ भरे एक लावारिस ट्रक को अपने कब्जे में लिया है। इस ट्रक में राष्ट्रीय उर्वरक लिमिटेड (NFL) द्वारा निर्मित यूरिया के 450 कट्टे लदे हुए थे, जिन्हें अवैध तरीके से खपाने की तैयारी थी। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के चलते तस्कर अपने इरादों में नाकाम रहे, लेकिन कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा।
बिना नंबर के ट्रक में छिपा था 450 बोरी सरकारी यूरिया
मामले का खुलासा करते हुए कृषि विभाग के गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक बाल मुकंद ने बताया कि उन्हें रादौर के त्रिवेणी चौक नाके के रास्ते यूरिया की एक बड़ी खेप गुजरने की सटीक जानकारी मिली थी। इनपुट्स के आधार पर रादौर थाना पुलिस को अलर्ट किया गया और नाके पर पैनी नजर रखी जाने लगी। इसी दौरान एक संदिग्ध लाल रंग का ट्रक आता दिखाई दिया, जिस पर कोई नंबर प्लेट भी नहीं थी। पुलिस ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो पकड़े जाने के डर से ड्राइवर चलती गाड़ी को सड़क किनारे छोड़ते हुए खेतों की तरफ भाग निकला।
इंडस्ट्रियल यूज की आशंका, सैंपल लेकर जांच को भेजे
पुलिस की सूचना पर जब कृषि विभाग के तकनीकी अधिकारी मौके पर पहुंचे और ट्रक के तिरपाल को हटाया, तो अंदर का नजारा देख आंखें फटी रह गईं। ट्रक में 45-45 किलोग्राम वजन वाले कुल 450 यूरिया के बैग ठूंस-ठूंस कर भरे हुए थे। गाड़ी की तलाशी लेने पर न तो कोई ट्रांसपोर्टेशन बिल मिला और न ही कोई ई-वे बिल। कृषि अधिकारियों के मुताबिक, रियायती दरों पर मिलने वाले इस कृषि यूरिया का इस्तेमाल प्लाईवुड या अन्य फैक्ट्रियों में गुपचुप तरीके से किया जाना था। विभाग ने तुरंत यूरिया के रैंडम सैंपल सील कर दिए हैं, जिन्हें लैब टेस्ट के लिए भेजा जा रहा है।
चेसिस नंबर के सहारे असली गुनहगार तक पहुंचेगी पुलिस
रादौर थाना पुलिस ने इंस्पेक्टर बालमुकंद की आधिकारिक शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) और फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर की संबंधित सख्त धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। चूंकि गाड़ी पर कोई नंबर नहीं था, इसलिए पुलिस अब ट्रक के इंजन और चेसिस नंबर के जरिए इसके असली मालिक का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार चालक और इस पूरे रैकेट के पीछे काम कर रहे मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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