Abandoned Child Panipat: हरियाणा के पानीपत रेलवे स्टेशन पर रिश्तों को तार-तार और इंसानियत को झकझोर देने वाला एक वाकया सामने आया है। दिल्ली से चलकर कालका की तरफ जाने वाली गाड़ी संख्या 12311 हावड़ा-कालका एक्सप्रेस के एक डिब्बे में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब यात्रियों की नजर एक लावारिस बच्चे पर पड़ी। महज ढाई महीने का यह बेकसूर मासूम ट्रेन की बर्थ पर अकेला लेटा हुआ था और उसके आसपास कोई नहीं था। ट्रेन के पानीपत पहुंचते ही यात्रियों ने तुरंत इसकी जानकारी रेलवे सुरक्षा बल और गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) को दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को अपनी कस्टडी में लिया और इलाज व देखभाल के लिए तुरंत पानीपत के सिविल अस्पताल पहुंचाया।
यात्रियों को रोने की आवाज से हुआ शक, सीट पर पड़ा मिला कपड़ों का बैग
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रेन जब दिल्ली से रवाना हुई तो सब कुछ सामान्य था। रास्ते में बच्चे के लगातार रोने और काफी देर तक किसी भी परिजन के पास न दिखने पर साथ सफर कर रहे मुसाफिरों को कुछ अनहोनी का शक हुआ। जब ट्रेन पानीपत स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर आकर रुकी, तो यात्रियों ने शोर मचाया। मौके पर पहुंची जीआरपी की टीम को उस सीट के पास से एक लावारिस बैग भी मिला है। इस बैग को खोलने पर पुलिस को उसमें बच्चे के कुछ कपड़े और दूध की बोतल मिली। इसके साथ ही सीट के पास एक रेल टिकट भी गिरा हुआ मिला है, जिससे यह साफ है कि बच्चे को छोड़ने वाला शख्स इसी ट्रेन में सवार होकर आया था।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को दी गई सूचना
इस निर्दयी हरकत को अंजाम देने वाले कलयुगी माता-पिता या आरोपी की तलाश के लिए रेलवे पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पानीपत जीआरपी के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली रेलवे स्टेशन और उन तमाम स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जहां-जहां यह ट्रेन रुकी थी। पुलिस को उम्मीद है कि टिकट और सीसीटीवी की मदद से आरोपी का सुराग जल्द ही मिल जाएगा। इस बीच, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) को आधिकारिक तौर पर सूचित कर दिया गया है। फिलहाल, अस्पताल के डॉक्टरों की देखरेख में बच्चा पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ बताया जा रहा है।

