Haryana News: हरियाणा में 1 जुलाई से बड़ा नियम: बिना पॉल्यूशन सर्टिफिकेट पेट्रोल-डीजल पर लगा बैनगाड़ी का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं तो बीच रास्ते में थम जाएंगे पहिये

Haryana News: दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में हर साल गहराने वाले धुंध और प्रदूषण के संकट से निपटने के लिए हरियाणा की सैनी सरकार ने एक बेहद कड़ा और अभूतपूर्व कदम उठाया है।

आगामी 1 जुलाई से प्रदेश के किसी भी पेट्रोल पंप पर आपको अपनी गाड़ी के लिए तेल तभी मिलेगा, जब आपकी जेब में ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल’ (PUC) सर्टिफिकेट होगा। सरकार का यह नया नियम नूंह (मेवात) समेत राज्य के सभी 22 जिलों में एक साथ लागू होने जा रहा है। इसका सीधा असर उन वाहन चालकों पर पड़ेगा जो सालों-साल बिना प्रदूषण जांच कराए सड़कों पर धुआं उड़ाते हुए गाड़ियां दौड़ाते हैं।

मेवात की जनता ने फैसले को सराहा

इस औचक और सख्त नियम को लेकर नूंह जिले के आम नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की तरफ से मिली-जुली लेकिन काफी हद तक सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नूंह और एनसीआर के इलाकों में वाहनों से निकलने वाला धुआं हवा को लगातार जहरीला बना रहा है।

लोगों का मानना है कि जब तक इस तरह का कोई कड़ा डंडा नहीं चलेगा, तब तक लोग खुद से जागरूक नहीं होंगे। इस नियम के लागू होने के बाद अब लोग मजबूरी में ही सही, लेकिन समय पर अपनी गाड़ियों के इंजन की ट्यूनिंग और प्रदूषण जांच जरूर करवाएंगे, जिससे पर्यावरण को बड़ी राहत मिलेगी।

पेट्रोल पंप संचालकों ने कसी कमर, मुस्तैद रहेगा स्टाफ

दूसरी तरफ, इस नियम को धरातल पर लागू करवाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी पेट्रोल पंप संचालकों पर आ गई है। नूंह जिले के पंप डीलर्स एसोसिएशन और संचालकों ने साफ कर दिया है कि वे सरकार के इन निर्देशों का अक्षरशः पालन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

संचालकों के मुताबिक, 1 जुलाई की सुबह से ही पंपों पर तैनात नोजल कप्तानों और स्टाफ को सख्त हिदायत रहेगी कि वे पहले ग्राहक से वैध पीयूसी सर्टिफिकेट की मांग करें। डिजिटल या कागजी रूप में सर्टिफिकेट दिखाने के बाद ही गाड़ियों के टैंक में पेट्रोल या डीजल की बूंद जाएगी।

समय रहते करा लें जांच, वरना बीच रास्ते खड़ी हो जाएगी गाड़ी

परिवहन विभाग और जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस पूरी कवायद के जरिए चालान काटने के बजाय वाहन मालिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जवाबदेह बनाना है। चूंकि 1 जुलाई आने में अब बहुत कम समय बचा है, इसलिए ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स और प्रशासनिक अधिकारियों ने वाहन चालकों को एडवांस सलाह दी है।

किसी भी अप्रिय स्थिति, बहसबाजी या बीच रास्ते में गाड़ी का ईंधन खत्म होने जैसी आफत से बचने के लिए लोग आज ही अपने नजदीकी अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्र पर जाकर सर्टिफिकेट रिन्यू करा लें, ताकि अगले महीने से शुरू होने वाली इस नई व्यवस्था में उन्हें कोई परेशानी न झेलनी पड़े।