Bathinda News: बठिंडा में पेट्रोल बम फेंकने वाले खुईयां सरवर निवासी दो युवक गिरफ्तार] हिरासत से भागने के प्रयास में दोनों घायलबठिंडा में पेट्रोल बम फेंकने वाले दो युवक गिरफ्तार

Bathinda News: बठिंडा के टैगोर नगर निवासी डा. तरसेम गर्ग पुत्र हरबंश लाल के विशाल नगर स्थित हैनेमन होम्यो क्लीनिक पर 22 जून की देर रात पेट्रोल पंप बम फेंकने के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अबोहर के खुईयां सरवर निवासी दो युवकों को गिरफ्तार किया है जबकि फाजिल्का निवासी तीसरे आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद, जब पुलिस दल दोनों को अबोहर से बठिंडा ले जा रहा था, तो उन्होंने पेशाब करने के बहाने बठिंडा-मुक्तसर राजमार्ग के पुल से कूदकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें तुरंत पकड़ लिया, लेकिन इस दौरान वे घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए बठिंडा के सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। दोनों आरोपियों की उम्र करीब 21-22 साल है, जो चंद पैसों के लिए इस काम को अंजाम देते पाए गए हैं। पुलिस ने इन के खिलाफ बीएनएस की धारा 109, 326 (ग), 125, 324 (4), 3 (5) तथा विस्फोटक अधिनियम 1908 की धारा 3, 4 के तहत मामला दर्ज किया है।

इस बारे में जानकारी देते हुए बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह ने बताया कि एसएसपी ज्योति यादव के नेतृत्व में सीआईए स्टाफ-2 और काउंटर इंटेलिजेंस की टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मानव खुफिया जानकारी के आधार पर घटना में शामिल तीन व्यक्तियों की पहचान अबोहर के खुईयां सरवर निवासी करीब 21 वर्षीय नखुल कुमार राजपूत पुत्र देवी लाल और करीब 22 वर्षीय गुरविंदर सिंह उर्फ उली पुत्र अमरीक सिंह तथा फाजिल्का निवासी संदीप सिंह के रूप में हुई है जिसमें से पुलिस ने नखुल और गुरविंद्र को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि संदीप सिंह की तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि तीसरे आरोपी ने इन दोनों युवकों को क्लिनिक पर पेट्रोल बम फेंकने के लिए तीन-तीन हजार रुपये का लालच दिया था। वहीं पूछताछ के दौरान इस मामले में और भी अहम खुलासे होने की संभावना है। खास बात यह है कि तीनों आरोपियों के खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।

डीआईजी हरजीत सिंह और एसएसपी ज्योति यादव बैंस ने बताया कि मुख्य आरोपी संदीप सिंह की गिरफ्तारी के बाद ही घटना के मुख्य कारणों का खुलासा होगा। वहीं एनआईए टीम ने डॉ. गर्ग से किसी पुरानी दुश्मनी, पिछली धमकियों और दूसरे संभावित कारणों के बारे में जानकारी ली। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और दूसरे टेक्निकल और फिजिकल सबूतों की भी जांच की। आरोपियों से पूछताछ के बाद घटना के पीछे की साजिश, धमकी भरे कॉल और संभावित नेटवर्क के बारे में कई अहम खुलासे होने की संभावना है। पकड़े गए दोनों युवकों में से नखुल कुमार किसी सोलर कंपनी में नौकरी करता है जबकि गुरविंद्र सिंह मजदूरी करता है।

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