Chandigarh News: चंडीगढ़ के सेक्टर-38ए में एक नाबालिग के घायल होने का मामला सोमवार को चर्चा का विषय बन गया। युवक के हाथ में गोली लगने के बाद शुरुआत में यह मामला फायरिंग की घटना के रूप में सामने आया था। नाबालिग ने पुलिस को बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उस पर गोली चलाई है। हालांकि जब पुलिस ने घटनास्थल और हालात की गहन जांच की तो कहानी में कई सवाल खड़े हुए। बाद में पूछताछ के दौरान नाबालिग ने स्वीकार किया कि गोली उसकी अपनी पिस्टल से गलती से चली थी। घटना के बाद पुलिस ने अवैध हथियारों के नेटवर्क की जांच भी तेज कर दी है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम की टीम सेक्टर-38ए पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना-39 के प्रभारी इंस्पेक्टर जयप्रकाश और डीएसपी धीरज कुमार भी मौके पर पहुंचे। घायल नाबालिग को तत्काल सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
पहले अज्ञात हमलावर का लगाया आरोप
थाना-39 पुलिस के अनुसार शुरुआती पूछताछ में नाबालिग लगातार यह दावा करता रहा कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उस पर गोली चलाई थी। उसने पुलिस को एक अलग कहानी बताने की कोशिश की, जिससे मामला बाहरी हमले जैसा प्रतीत हो। लेकिन जब पुलिस ने घटनास्थल की परिस्थितियों, गोली लगने के तरीके और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान किया तो उसकी बातों पर संदेह गहरा गया। इसके बाद अधिकारियों ने उससे दोबारा विस्तार से पूछताछ की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार कड़ी पूछताछ के दौरान नाबालिग ने स्वीकार किया कि उसके पास एक अवैध पिस्टल थी। वह देर रात हथियार को संभाल रहा था, तभी अचानक गोली चल गई और उसके हाथ में जा लगी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने पूरे मामले का रुख बदलते हुए अवैध हथियार की खरीद और उसके स्रोत की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि अभी सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।
10 हजार रुपए में खरीदी थी अवैध पिस्टल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नाबालिग ने यह पिस्टल पास के एक सेक्टर से लगभग 10 हजार रुपए में खरीदी थी। बताया जा रहा है कि वह हथियार को चेक कर रहा था और यह देखना चाहता था कि पिस्टल सही तरीके से काम कर रही है या नहीं। इसी दौरान अचानक ट्रिगर दबने से गोली चल गई और उसके हाथ में लग गई। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हथियार खरीदने के पीछे उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नाबालिग ने पिस्टल केवल शौक या दिखावे के लिए खरीदी थी या फिर इसके पीछे कोई अन्य कारण था। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि वह किसी आपराधिक गतिविधि की तैयारी तो नहीं कर रहा था। हालांकि अब तक की जांच में उसके खिलाफ किसी पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस उसके संपर्कों और हालिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
डीएसपी धीरज कुमार ने बताया कि जिस व्यक्ति से नाबालिग ने पिस्टल खरीदी थी, उसे पहले भी क्राइम ब्रांच गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अब उस व्यक्ति की भूमिका और उससे जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए इस मामले की गहराई से जांच की जाएगी। आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।
