Rajasthan News: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET)-UG 2026 के री-एग्जाम में मोबाइल फोन के साथ पकड़ी गई छात्रा के मामले में जांच तेज हो गई है। रविवार को परीक्षा केंद्र में कथित तौर पर मोबाइल के जरिए नकल करने की कोशिश करने वाली छात्रा को सोमवार को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

पेशी के बाद छात्रा चेहरा छिपाते हुए अदालत परिसर से बाहर निकलती दिखाई दी। इस बीच पुलिस ने जब्त मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि मोबाइल का उपयोग केवल परीक्षा के प्रश्नों के उत्तर खोजने के लिए किया गया था या फिर प्रश्नपत्र से जुड़ी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचाने का भी प्रयास किया गया था।

परीक्षा केंद्र में मोबाइल के साथ पकड़ी गई थी छात्रा

मामला बिंदायका स्थित परीक्षा केंद्र का है, जहां रविवार को री-NEET परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर मौजूद शिक्षकों को एक छात्रा की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। निगरानी बढ़ाने पर उसके पास मोबाइल फोन होने का पता चला। जांच में सामने आया कि छात्रा ने मोबाइल को अंडरगारमेंट्स में शर्ट के बटन के नीचे छिपाकर रखा था। इसके बाद परीक्षा केंद्र प्रशासन ने मोबाइल जब्त कर लिया और पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

पूछताछ में एआई की मदद लेने की बात

पुलिस पूछताछ के दौरान छात्रा ने बताया कि वह परीक्षा के प्रश्नों के उत्तर खोजने के लिए मोबाइल लेकर परीक्षा केंद्र पहुंची थी। उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह एआई आधारित तकनीक की मदद से सवालों के जवाब देखने का प्रयास करना चाहती थी। हालांकि पुलिस अभी इस दावे की तकनीकी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मोबाइल का वास्तविक उपयोग किस उद्देश्य से किया गया था।

मोबाइल में मिले प्रश्नपत्र के फोटो

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि परीक्षा समाप्त होने से लगभग 15 मिनट पहले मोबाइल में परीक्षा से संबंधित कुछ तस्वीरें मौजूद थीं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि ये तस्वीरें कब और कैसे ली गईं। पुलिस के अनुसार परीक्षा केंद्र के आसपास जैमर सक्रिय थे। इसी वजह से कथित तौर पर मोबाइल से कोई जानकारी बाहर भेजे जाने की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। यह पहलू भी फॉरेंसिक जांच का हिस्सा रहेगा।

मेटल डिटेक्टर जांच के दौरान दिया अलग जवाब

जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश के समय मेटल डिटेक्टर ने दो बार अलर्ट दिया था। सुरक्षा कर्मियों ने छात्रा से इसके बारे में पूछताछ की थी। बताया गया है कि छात्रा ने सुरक्षा कर्मियों को कहा था कि अलर्ट अंडरगारमेंट्स में लगे हुक के कारण आ रहा है। इसके बाद उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दे दी गई। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सुरक्षा जांच में कहां चूक हुई।

केंद्र प्रशासन और कर्मचारियों से भी पूछताछ

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने केवल छात्रा ही नहीं, बल्कि परीक्षा केंद्र के अधीक्षक और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से भी पूछताछ की है। अधिकारियों ने देर रात तक पूरे घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी जुटाई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि सुरक्षा व्यवस्था और जांच प्रक्रिया के बावजूद मोबाइल फोन परीक्षा कक्ष तक कैसे पहुंच गया। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

अब इस पूरे मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट सबसे अहम मानी जा रही है। रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि मोबाइल में कौन-कौन सी गतिविधियां हुईं, किस प्रकार की जानकारी एक्सेस की गई और क्या परीक्षा से जुड़ा कोई डेटा साझा करने की कोशिश की गई थी। यदि जांच में परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के उपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पुलिस सभी डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

By Jagmarg