Faridabad News: कहते हैं कि जुबान से निकली बात और कमान से छूटा तीर कभी वापस नहीं आता, और अगर बात मर्यादा की हदें लांघ जाए तो अपनों के हाथ में भी हथियार आ जाते हैं। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला वाकया फरीदाबाद के छायंसा थाना क्षेत्र के अरुआ गांव से सामने आया है।
यहां एक ही आंगन में पले-बढ़े चाचा-ताऊ के दो परिवारों के बीच महज एक मजाक के चलते ऐसी खूनी रंजिश खड़ी हो गई कि दोनों तरफ के लोग एक-दूसरे की जान लेने पर आमादा हो गए। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें महिलाओं और बच्चों के सामने पुरुष एक-दूसरे पर लाठियां भांजते नजर आ रहे हैं।
गली की चौपाल पर हुआ था भाभी से मजाक, मर्यादा टूटी तो बहने लगा खून
अरुआ गांव के बाशिंदों के मुताबिक, बीते सोमवार की शाम सपेरा नाथ समाज के इस संयुक्त परिवार के लोग रोज की तरह गली में बैठे हुए थे। इसी दौरान 20 साल के शिवा ने अपने ताऊ के लड़के परवीन की पत्नी को लेकर कोई फूहड़ या तीखा मजाक कर दिया। परवीन को भाई का यह अंदाज रास नहीं आया और उसने भी पलटकर तीखा जवाब दिया। बस, इसी बात को लेकर दोनों भाइयों में ठन गई। बात तू-तड़क से शुरू होकर गाली-गलौज तक पहुंची और दोनों गुटों के युवा आपस में गुत्थमगुत्ता हो गए।
बीच-बचाव करने वाले को गोदा चाकू, अगले दिन सुबह फिर सुलग उठी आग
झगड़ा बढ़ता देख कुनबे के ही एक बुजुर्ग सदस्य सतीश ने बीच में आकर दोनों को अलग करने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित युवकों ने सतीश पर ही चाकू से हमला बोल दिया। सोमवार रात को तो ग्रामीणों और सरपंच शिबू के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया और लोग अपने-अपने घरों को लौट गए। लेकिन विवाद की राख के नीचे अंगारे सुलग रहे थे।
अगले दिन मंगलवार सुबह जब सतीश दूसरे पक्ष के घर यह पूछने गए कि आखिर कल रात बात क्या हुई थी, तो बहस दोबारा शुरू हो गई। आरोप है कि शिवा, विक्की और उनके साथियों ने पहले से ही लाठी-डंडे और लोहे की रॉड छिपा रखी थी, जिससे उन्होंने धावा बोल दिया।
अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे तीन लोग, पुलिसिया कार्रवाई पर परिवार नाखुश
सतीश के मुताबिक, इस बर्बर हमले में उनके पक्ष के परवीन, कुमारपाल और कृष्ण को इतनी गंभीर चोटें आई हैं कि वे पिछले चार दिनों से अस्पताल के बेड पर पड़े हैं। वहीं, दूसरे पक्ष से शिवा, उसका भाई विक्की और उनके पिता भी चोटिल हुए हैं।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि वे सभी दिहाड़ी मजदूरी करके पेट पालने वाले सीधे-साधे लोग हैं, लेकिन दूसरे पक्ष ने उन पर जानलेवा हमला किया है। चार दिन बीत जाने के बाद भी छायंसा थाना पुलिस द्वारा मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार न किए जाने पर ग्रामीणों में रोष है।
“मामला पूरी तरह हमारे संज्ञान में है और स्थिति नियंत्रण में है। यह झगड़ा एक ही परिवार के भीतर आपसी कहासुनी और मजाक के बाद बढ़ा है। दोनों पक्षों की तरफ से कुल 6 लोग घायल हैं जिनका मेडिकल कराया जा चुका है। पुलिस ने दोनों तरफ के बयान दर्ज कर क्रॉस-शिकायतें ले ली हैं। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
— गोपाल दास, थाना प्रभारी (SHO), छायंसा

