Gurugram Nurse Assault: साइबर सिटी गुरुग्राम के आलीशान और आधुनिक अस्पतालों में शुमार ‘आर्टिमिस’ के भीतर जो कुछ भी हुआ, उसने कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा के दावों की कलई खोलकर रख दी है।
अस्पताल के क्रिटिकल केयर यूनिट (ICU) के सामने एक महिला नर्स के साथ संस्थान के ही असिस्टेंट मैनेजर दिलशाद ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उसे बुरी तरह पीट दिया। पीड़िता का रो-रोकर बुरा हाल है और उसका कहना है कि एक छोटी सी गलती को ढाल बनाकर आरोपी ने उसके साथ वहशीपन दिखाने की कोशिश की।
“सब तमाशा देख रहे थे, डॉक्टर भी नहीं पसीजे” — पीड़िता का दर्द
अस्पताल के भीतर की भयावहता बयां करते हुए पीड़ित नर्स ने बताया कि आरोपी दिलशाद की नीयत पहले से ही खराब थी और वह पूर्व में भी उसके साथ झगड़ा और बदतमीजी कर चुका था। नर्स के मुताबिक, “बुधवार को उसने अचानक मेरा हाथ पकड़ा और मुझे खींचकर सोफे पर गिरा दिया। वह लगातार मेरे चेहरे पर थप्पड़ बरसा रहा था और उसकी हरकतें देखकर लग रहा था कि वह कुछ बहुत गलत अंजाम देना चाहता है।”
इस पूरी वारदात का सबसे स्याह पहलू यह रहा कि जब यह सब घट रहा था, तब वहां पूरा मेडिकल स्टाफ और डॉक्टर्स मौजूद थे। पीड़िता ने चीख-चीखकर मदद मांगी, सहकर्मियों को फोन मिलाए, लेकिन रसूखदार अधिकारी के खौफ या संवेदनहीनता के चलते किसी का भी दिल नहीं पसीजा और सब मूकदर्शक बनकर तमाशा देखते रहे।
भगवा संगठनों का धावा, अस्पताल प्रशासन पर आरोपी को भगाने का आरोप
जैसे ही नर्स के साथ हुई इस बर्बरता की खबर शहर में फैली, विभिन्न हिंदू संगठनों का गुस्सा भड़क उठा। भारत माता वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश भारती और विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष अरुण कृष्ण महाराज भारी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ आर्टिमिस अस्पताल के परिसर में दाखिल हो गए। दिनेश भारती ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सूबे में बेटी बचाने का दम भरने वाली सरकार के राज में भी रसूखदार लोग बेटियों को दफ्तरों में प्रताड़ित कर रहे हैं।
संगठन के नेताओं ने मांग की कि आरोपी दिलशाद को तुरंत उनके हवाले किया जाए। इस दौरान अरुण कृष्ण महाराज ने आरोप लगाया कि माहौल भांपते ही अस्पताल प्रबंधन ने चालाकी दिखाते हुए आरोपी को पिछले दरवाजे से बाहर निकाल दिया। अस्पताल में बढ़ते तनाव को देखते हुए मैनेजमेंट के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
खाकी का कड़ा पहरा, आरोपी दिलशाद सलाखों के पीछे
हंगामे की सूचना मिलते ही सेक्टर-50 थाना प्रभारी (SHO) सुखबीर सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मोर्चा संभाला। पुलिस ने उत्तेजित भीड़ को शांत कराया और पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए नागरिक अस्पताल भिजवाया। शाम करीब 6 बजे पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दिलशाद को गिरफ्तार कर लिया, जो मूल रूप से पंजाब के फरीदकोट का रहने वाला है।
SHO सुखबीर सिंह ने बताया कि प्राथमिक तौर पर यह अस्पताल स्टाफ के बीच का अंदरूनी विवाद लग रहा है, लेकिन महिला की गरिमा और सुरक्षा सर्वोपरि है। पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहराई से तफ्तीश की जा रही है। दूसरी तरफ, आर्टिमिस अस्पताल की पीआरओ (PRO) श्रेया खत्री ने इस संवेदनशील मामले पर सीधे कुछ भी कहने से बचते हुए सिर्फ इतना कहा कि मैनेजमेंट इस विषय पर आंतरिक चर्चा कर रहा है और जल्द ही आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।

