Haryana Family ID: हरियाणा की खट्टर-सैनी सरकार के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘परिवार पहचान पत्र’ (PPP) को लेकर एक बेहद अहम और राहत देने वाला फैसला सामने आया है। दरअसल, प्रदेश में शादी के बाद मैरिज रजिस्ट्रेशन कराते समय एक बड़ी तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कत आ रही थी।
विवाह पंजीकरण के फेर में कई पुरुषों के नाम उनके खुद के परिवार की बजाय ससुराल की फैमिली आईडी में दर्ज हो गए थे। इस वजह से उन्हें पैतृक संपत्ति, स्थानीय सरकारी योजनाओं और अन्य कागजी कार्यवाहियों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब सरकार ने इस समस्या को समझा है और पोर्टल पर इस गलती को सुधारने का नया रास्ता खोल दिया है।
एडीसी दफ्तर में देनी होगी अर्जी, ऐसे चलेगी पूरी प्रक्रिया
पीपीपी के स्टेट को-ऑर्डिनेटर सतीश खोला ने इस नए प्रावधान की बारीकियों को साझा किया है। उन्होंने बताया कि इस विसंगति को दूर करने के लिए प्रभावित व्यक्ति को अपने जिले के अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) कार्यालय का रुख करना होगा।
वहां जाकर उन्हें अपनी समस्या की लिखित शिकायत देनी होगी, जिसे वहां तैनात फील्ड को-ऑर्डिनेटर या कंप्यूटर प्रोग्रामर द्वारा सीधे विभागीय पोर्टल पर फीड किया जाएगा। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले की स्क्रूटनी होगी और एडीसी की फाइनल अप्रूवल मिलते ही नाम ट्रांसफर की प्रक्रिया को हरी झंडी मिल जाएगी।
पत्नी और बच्चों का नाम भी एक साथ होगा शिफ्ट
इस पूरी व्यवस्था में इस बात का खास ख्याल रखा गया है कि नया बदलाव होने के बाद भी परिवार बिखरे नहीं। नियमों के मुताबिक, यदि किसी शख्स की पत्नी और बच्चे पहले से किसी अलग आईडी में हैं, तो एडीसी की मंजूरी के बाद वे सभी उस व्यक्ति की मूल फैमिली आईडी से लिंक हो जाएंगे।
वहीं, अगर पत्नी और बच्चे भी ससुराल वाली आईडी में ही दर्ज हैं, तो उन सभी को एक साथ उस पुरुष के मूल (पैतृक) परिवार की आईडी में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से एक ही छत के नीचे रहने वाले परिवार के सभी सदस्य एक आईडी में आ सकेंगे, जिससे उन्हें सरकारी राशन, आयुष्मान कार्ड और पेंशन जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में कोई अड़चन नहीं आएगी।

