Haryana Weather: हरियाणा के लोगों को इस समय प्रकृति के दो बिल्कुल अलग रूप झेलने पड़ रहे हैं। एक तरफ जहां सूरज की तपिश और भीषण उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है, वहीं दूसरी तरफ बादलों की आवाजाही ने मानसून की दस्तक का अहसास कराना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, प्रदेश में 30 जून तक गर्मी और हीटवेव का असर यूं ही बना रहेगा। इसके ठीक बाद, यानी 1 जुलाई से मानसूनी हवाएं जोर पकड़ेंगी और पूरे सूबे में बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। मौसम केंद्र चंडीगढ़ ने 2 और 3 जुलाई को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे आम जनता को इस चिपचिपी गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सामान्य से 4 डिग्री ऊपर पहुंचा पारा, भिवानी में 45 डिग्री के साथ रिकॉर्ड तोड़ गर्मी
जून के आखिरी हफ्ते में भी सूरज के तेवर ठंडे होने का नाम नहीं ले रहे हैं। रविवार को प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया, जिसने झुलसाने वाली गर्मी का अहसास कराया। आंकड़ों पर गौर करें तो भिवानी जिला 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ पूरे राज्य में सबसे गर्म इलाका रहा। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर और दक्षिण हरियाणा के जिलों में भी पारा आसमान छू रहा है। फरीदाबाद के बोपानी में तापमान 44.2 डिग्री, नूंह में 42.1 डिग्री, हिसार में 41.7 डिग्री और अंबाला में 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस तपिश के कारण दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है।
गुरुग्राम-फरीदाबाद सहित 11 जिलों में लू की चेतावनी, दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह
मौसम विभाग ने सोमवार, 29 जून को प्रदेश के 11 जिलों के लिए हीटवेव का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और पलवल शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन क्षेत्रों में चलने वाली पछुआ हवाएं लू के थपेड़ों में बदलेंगी, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन और डॉक्टरों ने भी आम लोगों को हिदायत दी है कि वे दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें और सफर के दौरान पानी, छाछ या ओआरएस का घोल साथ रखना न भूलें।
आज इन इलाकों में बरसेंगे बादल, 1 जुलाई से 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
तपती गर्मी के बीच सोमवार को राज्य के कुछ हिस्सों के लिए राहत की खबर भी है। पंचकूला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और चरखी दादरी सहित करीब 14 जिलों में स्थानीय सिस्टम एक्टिव होने से हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि, हवा में नमी अधिक होने के कारण बारिश के बाद उमस लोगों को परेशान कर सकती है। असली बदलाव बुधवार यानी 1 जुलाई से दिखेगा, जब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने के साथ मानसून आगे बढ़ेगा। अगले तीन दिनों तक तापमान में बड़ा फेरबदल नहीं होगा, लेकिन जुलाई की शुरुआत होते ही पारा तेजी से नीचे गिरेगा।

