Mulberry County Dog Attack: हाई-राइज सोसायटियों में आलीशान जिंदगी और सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों के बीच आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा और रूह कंपा देने वाला मामला सैक्टर-70 स्थित मलबरी काऊंटी सोसायटी से सामने आया है, जहां बुधवार को करीब आधा दर्जन आवारा कुत्तों ने मिलकर एक 10 साल के मासूम बच्चे को अपना शिकार बना लिया। कुत्तों ने बच्चे को इस कदर नोचा कि उसके शरीर का कोई भी हिस्सा सुरक्षित नहीं बचा है। इस दर्दनाक वाकये के बाद जहां पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है, वहीं सोसायटी के भीतर सुरक्षा व्यवस्था और ‘डॉग लवर्स बनाम आम निवासी’ का पुराना विवाद एक बार फिर खुलकर सड़क पर आ गया है।
बेसमेंट में चेन चढ़ा रहा था पार्थ, चीखें सुनकर दौड़े पड़ोसी
सोसायटी निवासी धीरेंद्र सिंह ने रुंधे गले से बताया कि उनका 10 वर्षीय बेटा पार्थ बुधवार को सोसायटी के बेसमेंट में साइकिल चला रहा था। इसी दौरान अचानक उसकी साइकिल की चेन उतर गई। मासूम वहीं बैठकर चेन चढ़ाने की जद्दोजहद करने लगा, तभी वहां घूम रहे 5-6 खूंखार आवारा कुत्तों ने उसे अकेला देखकर घेर लिया।
इससे पहले कि पार्थ कुछ समझ पाता या वहां से भाग पाता, कुत्तों के झुंड ने उस पर एक साथ हमला कर उसे जमीन पर गिरा दिया और बेरहमी से काटना शुरू कर दिया। बेसमेंट से आ रही पार्थ की चीख-पुकार जब ऊपर तक पहुंची, तो आस-पास के लोग डंडे लेकर दौड़े और बेहद मुश्किल से मासूम को कुत्तों के जबड़े से छुड़ाया।
शरीर पर गहरे जख्म, दहशत के साए में मासूम
हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुत्तों ने बच्चे के हाथ, पैर और पीठ को बुरी तरह से क्षत-विक्षत कर दिया है। पिता धीरेंद्र सिंह के मुताबिक, पार्थ के शरीर पर शायद ही कोई ऐसी जगह बची हो जहां दांतों के गहरे घाव न हों।
लहूलुहान हालत में बच्चे को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने की बात कही है। शारीरिक चोटों के अलावा बच्चा इस कदर मानसिक खौफ में है कि वह ठीक से कुछ बोल भी नहीं पा रहा है।
कुत्तों को भगाने पर सोसायटी में ही भिड़े लोग, तनाव का माहौल
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद मलबरी काऊंटी के निवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। जब दर्जनों लोग बच्चों की सुरक्षा का हवाला देते हुए डंडे लेकर बेसमेंट और परिसर से कुत्तों को बाहर खदेड़ने निकले, तो माहौल उस वक्त और तनावपूर्ण हो गया जब सोसायटी के ही कुछ अन्य लोग उनके सामने आकर खड़े हो गए। कुत्तों को भगाने का विरोध करने वाले इन लोगों और पीड़ित पक्ष के समर्थकों के बीच तीखी बहसबाजी हुई। निवासियों का कहना है कि बिल्डर और प्रशासन की लापरवाही के कारण सोसायटियों के बेसमेंट आवारा पशुओं के ठिकाने बन चुके हैं, जिससे अब बच्चों का घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है।

