Karnal Dada Murder Case: दादा की छाती में 4 गोलियां दागने वाला सोनू गिरफ्तार, बुआ ने कहा- 'पिता और दादी को भी इसी ने मारा'करनाल में दादा की हत्या में पोता गिरफ्तार

Karnal Dada Murder Case: रिश्तों को कलंकित करने वाली एक खौफनाक वारदात में करनाल के बड़ा गांव से गिरफ्तार आरोपी सोनू को पुलिस ने अदालत में पेश कर रिमांड पर ले लिया है। आरोपी सोनू पर आरोप है कि उसने जमीन जायदाद के लालच में आकर अपने 75 वर्षीय बुजुर्ग दादा दर्शन सिंह की बेहद करीब से सीने में चार गोलियां मारकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। पुलिस ने मृतक का पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है, जिसके बाद से पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है। पीड़ित परिवार ने आरोपी के लिए कड़ी से कड़ी सजा और आजीवन कारावास की मांग की है।

बुआ का रोंगटे खड़े करने वाला दावा- ‘पिता और दादी का कातिल भी यही है’

इस हत्याकांड में नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब मृतक दर्शन सिंह की बड़ी बेटी नारू ने अपने भतीजे सोनू पर एक के बाद एक कई गंभीर आरोप मढ़ दिए। नारू का दावा है कि सोनू एक सीरियल किलर की तरह व्यवहार कर रहा है। उसने आरोप लगाया कि करीब तीन साल पहले सोनू ने ही अपने पिता बहादुर की हत्या की थी और उसे सुसाइड दिखाने के लिए शव को फंदे से लटका दिया था। इतना ही नहीं, नारू के मुताबिक जमीन की वसीयत रद्द होने से बौखलाए सोनू ने अपनी बुजुर्ग दादी को भी प्रसाद में कुछ जहरीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया था, जिसके कुछ दिनों बाद उनकी मौत हो गई थी। इस साजिश में कारसा निवासी उसके साले संदीप की भूमिका पर भी शक जताया जा रहा है।

धर्म परिवर्तन और वसीयत रद्द होने से सुलग रही थी रंजिश की आग

इस खूनी खेल की इबारत तब लिखी गई जब सोनू ने अपना मूल धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया था। परिजनों के मुताबिक, दादा दर्शन सिंह ने उसे काफी समझाने की कोशिश की थी और उसे आध्यात्मिक मार्ग पर चलने के लिए ‘राधा स्वामी’ सत्संग से जुड़ने की सलाह दी थी, लेकिन सोनू नहीं माना। इसके बाद सोनू और उसके परिवार ने बुजुर्ग दर्शन सिंह को खाना देना तक बंद कर दिया और उनकी देखभाल छोड़ दी। इसी से आहत होकर दर्शन सिंह ने अपनी वह वसीयत रद्द करा दी, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के बाद जमीन पोतों में बराबर बांटने की बात कही थी। वसीयत रद्द होते ही कानूनी रूप से 11 एकड़ की यह कीमती जमीन दोबारा दर्शन सिंह की बेटियों और बेटों में बंटनी तय हुई, जिसे सोनू बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था।

प्लॉट में छिपाई थी पिस्टल, सत्संग से लाकर सीने में दाग दीं गोलियां

नारू ने बताया कि हत्या की स्क्रिप्ट पूरी प्लानिंग के साथ लिखी गई थी। घटना वाले दिन आरोपी सोनू पहले मोटरसाइकिल से आया और उसने अपने प्लॉट में चुपके से पिस्टल छिपा दी। इसके बाद वह खुद दादा दर्शन सिंह को बड़े ही प्यार से बाइक पर बैठाकर सत्संग से वापस लाया और सीधे उसी प्लॉट पर ले गया। वहां उसने बुजुर्ग दादा पर पूरी जमीन अकेले उसके नाम ट्रांसफर करने का कानूनी दबाव बनाया। जब दर्शन सिंह ने साफ इंकार कर दिया, तो सोनू ने उनका गला दबोच लिया और छिपाई हुई पिस्टल निकालकर एक के बाद एक चार गोलियां उनके सीने में उतार दीं।

सीआईए-3 खंगालेगी आरोपी सोनू का पूरा क्राइम ग्राफ

सिविल लाइन थाना प्रभारी विक्रांत ने बताया कि वारदात के बाद से ही पुलिस की कई टीमें सोनू के पीछे लगी हुई थीं, जिसे बुधवार सुबह सिविल लाइन क्षेत्र से ही दबोच लिया गया। सोनू तीन बच्चों का पिता है और वारदात के वक्त उसकी पत्नी बच्चे मायके गए हुए थे। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों ने आरोपी पर पहले भी दो हत्याएं करने के जो संगीन आरोप लगाए हैं, पुलिस उनकी भी फाइलें दोबारा खोलेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए करनाल एसपी ने आगे की पूरी जांच सीआईए-3 (CIA-3) को ट्रांसफर कर दी है, जो रिमांड के दौरान हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और पुराने मामलों की कड़ियां जोड़ने का काम करेगी।