Panipat Highway: हरियाणा के पानीपत में नेशनल हाईवे का रखरखाव करने वाली कंपनी एलएंडटी (L&T) और टोल प्रबंधन की एक बेहद संगीन और जानलेवा लापरवाही सामने आई है। तहसील कैंप थाना क्षेत्र के अंतर्गत पीवीआर मॉल के ठीक सामने हाईवे के डिवाइडर पर लगी लोहे की ग्रिल में मौत दौड़ रही थी। अपनी खराब गाड़ी को खड़ी कर नीचे उतरे एक बेकसूर ड्राइवर ने जैसे ही इस ग्रिल का सहारा लिया, करंट ने उसे अपनी ओर खींच लिया। झटका इतना जोरदार था कि युवक को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उसने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
खराबी आने पर रोकी थी गाड़ी, मदद मांगते ही काल बन गई लोहे की ग्रिल
यह पूरा वाकया 27 जून की दोपहर का है। रोहतक जिले के पाक्समा गांव का रहने वाला 30 वर्षीय प्रदीप पेशे से ड्राइवर था और गाड़ी चलाकर ही अपने परिवार का पेट पालता था। वह हिमाचल प्रदेश से गाड़ी में गैस सिलेंडर लोड करके वापस रोहतक की तरफ आ रहा था। पानीपत पहुंचते ही पीवीआर मॉल के सामने अचानक उसकी गाड़ी में कोई तकनीकी खराबी आ गई।
प्रदीप ने सूझबूझ दिखाते हुए गाड़ी को हाईवे के किनारे साइड में लगा दिया। वह गाड़ी के नीचे उतरा ताकि किसी राहगीर की मदद से गाड़ी को ठीक कर सके। उसने सड़क से गुजर रहे एक शख्स को आवाज लगाने के लिए जैसे ही डिवाइडर की लोहे की ग्रिल पर अपना हाथ रखा, वहां खुले पड़े बिजली के तारों का करंट ग्रिल के जरिए सीधे उसके शरीर में उतर गया।
हंसता-खेलता परिवार उजड़ा, दो साल पहले हुई थी शादी
इस दर्दनाक हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है। महज दो साल पहले ही प्रदीप का विवाह हुआ था और उसका एक साल का छोटा बच्चा है, जिसके सिर से अब पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। घटना की सूचना मिलते ही रोहतक से पानीपत पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
भाई वीरेंद्र ने तहसील कैंप थाना पुलिस को दी अपनी शिकायत में एलएंडटी कंपनी, टोल प्रोजेक्ट मैनेजर और वहां के कर्मचारियों को सीधे तौर पर इस मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि हाईवे अथॉरिटी और टोल स्टाफ की घोर अनदेखी की वजह से तारों को खुला छोड़ा गया, जिससे यह भयानक हादसा हुआ।
कंपनी और टोल स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
मामले की गंभीरता और परिजनों के आक्रोश को देखते हुए पानीपत पुलिस तुरंत एक्शन में आई है। पुलिस ने मृतक प्रदीप के भाई वीरेंद्र के बयान के आधार पर एलएंडटी कंपनी और संबंधित टोल प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर लिया है। थाना तहसील कैंप के जांच अधिकारी का कहना है कि मौके का मुआयना किया गया है और बिजली विभाग के सहयोग से यह पता लगाया जा रहा है कि ग्रिल में करंट कहां से और कैसे उतरा। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि इस जानलेवा लापरवाही के पीछे जो भी अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

