Punjab Weather

Punjab Weather: पंजाब में सोमवार को मौसम का मिजाज बदला रहा। तेज हवाओं और बादलों की मौजूदगी के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में 3.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 23 जून के लिए अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा समेत 12 जिलों में बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। हालांकि चंडीगढ़ में मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है। राज्य में सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम सिस्टम के असर से बदला माहौल

मौसम विभाग के अनुसार पंजाब के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और हरियाणा के आसपास बने मौसमीय तंत्र का प्रभाव राज्य में देखने को मिल रहा है। इसी वजह से कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं और बीच-बीच में बारिश तथा तेज हवाओं की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रह सकता है। दिन के तापमान में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।

इन जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना

मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है उनमें अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है। लोगों को खुले स्थानों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है।

थर्मल प्लांटों की कई इकाइयां रहीं बंद

राज्य में बिजली उत्पादन के मोर्चे पर भी चुनौती बनी रही। रोपड़ थर्मल प्लांट की चार इकाइयों में से एक बंद रही। 840 मेगावाट क्षमता वाले इस प्लांट से 382 मेगावाट बिजली उत्पादन दर्ज किया गया। लेहरा मोहब्बत प्लांट की चार इकाइयों में केवल एक इकाई चालू रही और कुल 164 मेगावाट बिजली पैदा हुई। गोइंदवाल प्लांट की दो इकाइयों में से एक बंद रही, जहां 245 मेगावाट उत्पादन हुआ। वहीं निजी थर्मल प्लांट से 1,329 मेगावाट तथा तलवंडी साबो प्लांट से 1,601 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया गया। जल विद्युत परियोजनाओं से 950 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई।

बिजली की मांग 15,961 मेगावाट तक पहुंची

गर्मी और ऊर्जा खपत के कारण पंजाब में बिजली की मांग लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। सोमवार शाम करीब पौने पांच बजे मांग 15,450 मेगावाट के पार पहुंच गई और शाम तक यह 15 हजार मेगावाट से ऊपर बनी रही। पौने आठ बजे के आसपास बिजली की मांग 15,961 मेगावाट दर्ज की गई। इस दौरान पंजाब ने करीब 4,800 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया, जबकि लगभग 10,200 मेगावाट बिजली केंद्रीय पूल से प्राप्त की गई।

अमृतसर में हादसा, बच्चे की गई जान

अमृतसर में मौसम के खराब होने का दुखद असर भी देखने को मिला। तेज आंधी के दौरान रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार के बाहर एक पुराना पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान राजप्रीत सिंह के रूप में हुई है। वह सिरसा से आए एक जत्थे के साथ श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने पहुंचा था। हादसे के समय जत्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की मुफ्त बस सेवा का इंतजार कर रहा था।

जून में सामान्य से 28 प्रतिशत कम बारिश

पंजाब में जून महीने के दौरान अब तक औसतन 21.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 30.4 मिलीमीटर माना जाता है। इस तरह राज्य में सामान्य से 28 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड हुई है। नवांशहर में 71.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 45 प्रतिशत अधिक है। लुधियाना में 44.7 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 41 प्रतिशत ज्यादा रही। तरनतारन में भी सामान्य से 53 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। दूसरी ओर बरनाला में केवल 4.8 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 85 प्रतिशत कम है। होशियारपुर में 71 प्रतिशत और संगरूर में 66 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई।

26 जून तक ऐसा ही रहेगा मौसम

मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 26 जून तक पंजाब में मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले पांच दिनों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन बादलों और वर्षा के कारण लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

By Jagmarg