Rohtak News: रोहतक जिले में पिछले कुछ समय से आगजनी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला आईएमटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव खरावड़ का है।
यहां प्राचीन हनुमान मंदिर और मन्नत हवेली के ठीक बाहर बनी दो दुकानों में रविवार की सुबह अचानक आग लग गई। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी।
दमकल कर्मियों ने पाया काबू, पर नहीं बचा पाए सामान
आग की भयावहता को देखते हुए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए काफी जद्दोजहद के बाद आग को और आगे फैलने से रोका और उस पर पूरी तरह काबू पाया। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। दुकानों के शटर के भीतर मौजूद सारा सामान, फर्नीचर और दस्तावेज जलकर पूरी तरह राख के ढेर में तब्दील हो गए। शुरुआती अंदेशा शॉर्ट सर्किट का जताया जा रहा है, हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जून के महीने में भभक रहा रोहतक: मॉडल टाउन में जा चुकी हैं जानें
रोहतक शहर में पिछले तीन हफ्तों के भीतर मौसम की तपिश के साथ-साथ आगजनी के हादसों ने लोगों को दहला कर रख दिया है। याद दिला दें कि बीती 9 जून को मॉडल टाउन इलाके में एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ था।
वहां एक दुकान में एसी का कंप्रेसर फटने से ऐसी भीषण आग लगी कि उसकी चपेट में आकर 10 दुकानें खाक हो गईं और तीन बेकसूर लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस हादसे से लोग उबरे भी नहीं थे कि 19 जून को मॉडल टाउन में ही एक डेंटल क्लीनिक में दोबारा एसी की वजह से आग भड़क गई थी, जिसे समय रहते काबू कर लिया गया।
शोरूम, जिम और कैफे भी आ चुके हैं चपेट में
बीती 19 जून का दिन तो रोहतक के लिए हादसों भरा रहा। उसी दिन जहां सांपला में एक तीन मंजिला कपड़ों का शोरूम आग की भेंट चढ़ गया, जिससे व्यापारी को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। वहीं, दूसरी तरफ उसी रात सेक्टर-3 की मार्केट में स्थित एक जिम और कैफे के अंदर भी भयंकर आग लग गई थी। इस हादसे में जिम की कीमती मशीनें और कैफे का सारा साजो-सामान जलकर बर्बाद हो गया था।
क्यों हो रहा है इतना नुकसान? अफसरों ने बताई बड़ी लापरवाही
शहर में बैक-टू-बैक हो रहे इन हादसों पर चिंता जताते हुए फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने व्यापारियों की एक बड़ी लापरवाही की तरफ इशारा किया है।
अधिकारियों का साफ कहना है कि अधिकांश दुकानों और शोरूम के भीतर बुनियादी फायर सेफ्टी सिस्टम (आग बुझाने के इंतजाम) नहीं लगाए गए हैं। अगर दुकानों में अग्निशामक यंत्र (फायर एक्स्टिंग्विशर) या अलार्म सिस्टम मौजूद हों, तो शुरुआती स्तर पर ही आग को बढ़ने से रोका जा सकता है। विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी नुकसान से बचने के लिए अब दुकानदारों को खुद जागरूक होना पड़ेगा।

