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Nilokheri Yoga Camp: नीलोखेड़ी में योग विज्ञान शिविर का तीसरा दिन, गीता के श्लोकों और गीतों से गूंजा योग पंडाल

AAmandeep Singh
Nilokheri Yoga Camp: नीलोखेड़ी में योग विज्ञान शिविर का तीसरा दिन, गीता के श्लोकों और गीतों से गूंजा योग पंडाल
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नीलोखेड़ी(महाबीर मैहला)। भागदौड़ भरी आधुनिक जिंदगी में मानसिक शांति और शारीरिक तंदुरुस्ती की तलाश में जुटे नीलोखेड़ी के लोगों के लिए इन दिनों चल रहा योग विज्ञान शिविर एक संजीवनी साबित हो रहा है। मां वैष्णों सेवा समिति की ओर से आयोजित किए जा रहे इस 21 दिवसीय शिविर के तीसरे दिन योगार्थियों का हुजूम उमड़ पड़ा। पतंजलि महिला तहसील प्रभारी आशा सहरावत की देखरेख में आयोजित इस सत्र में न केवल शरीर को लचीला बनाने के पैंतरे सिखाए गए, बल्कि योग के दार्शनिक और वैज्ञानिक पहलुओं से भी रूबरू कराया गया।

योगी सोमनाथ ने जगाई सेहत की अलख, गीता के श्लोकों से गुंजायमान हुआ परिसर

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शिविर के मुख्य सत्र की शुरुआत करते हुए अनुभवी योगी सोमनाथ ने योगिंग और जॉगिंग के कठिन आसनों को बेहद सरल तरीके से साधकों के सामने रखा। सत्र की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि उन्होंने योग के कड़े नियमों को नीरस नहीं होने दिया; बल्कि श्रीमद्भागवत गीता के मर्मस्पर्शी श्लोकों और ऊर्जा से भर देने वाले प्रेरणादायक गीतों के जरिए योग के महत्व को समझाया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को प्रेरित करते हुए कहा कि योग केवल एक घंटे की शारीरिक कसरत नहीं है, बल्कि यह २४ घंटे सजग रहने और जीने की एक संपूर्ण कला है, जिससे मन और तन दोनों को फौलादी बनाया जा सकता है।

सर्वाइकल और कमर दर्द का योगिक इलाज, राज रानी और सुनीता नरवाल ने साझा किए अनुभव

इसके बाद पतंजलि महिला जिला अध्यक्ष योगिनी बहन राज रानी महला ने मंच संभाला और आज के समय की सबसे आम बीमारियों जैसे— घुटनों का दर्द, कमर दर्द, सर्वाइकल और नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) से जुड़ी पेचीदा समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने विशेष आसनों का प्रदर्शन करते हुए बताया कि कैसे बिना दवाओं के, केवल सही पोस्चर और नियमित अभ्यास से इन असाध्य रोगों से परमानेंट मुक्ति पाई जा सकती है।

वहीं, पतंजलि की राज्य संवाद प्रभारी योगिनी बहन सुनीता नरवाल ने मानव शरीर के मूल विज्ञान की परतें खोलीं। उन्होंने ‘यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे’ के सिद्धांत को समझाते हुए कहा कि हमारा शरीर जिन पंच तत्वों (अग्नि, वायु, आकाश, पृथ्वी और जल) से बना है, जब तक वे संतुलित हैं, बीमारी हमारे पास फटक भी नहीं सकती। योग इन्हीं तत्वों में संतुलन बिठाने का सबसे अचूक जरिया है।

शहरवासियों की भारी मौजूदगी, समाजसेवियों ने बढ़ाया मातृशक्ति का हौसला

शिविर के समापन पर महिला तहसील प्रभारी आशा सहरावत ने नीलोखेड़ी की मातृशक्ति और युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और उनसे इस सिलसिले को पूरे 21 दिनों तक लगातार जारी रखने का आह्वान किया। इस मौके पर मां वैष्णो सेवा समिति के अध्यक्ष राकेश चौधरी समेत शहर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में पंकज बक्शी, भूपेश जुनेजा, राजू ग्रोवर, सुनील कटारिया, दीपक आहूजा, अशोक पुलाना और बृतपाल बत्रा जैसे समाजसेवियों ने अपना विशेष योगदान दिया। योग के प्रति आम जनमानस की यह बढ़ती रुचि साफ बताती है कि नीलोखेड़ी अब स्वास्थ्य क्रांति की राह पर आगे बढ़ चुका है।

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