Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

देश को आर्थिक संकट से उबारने वालों के बारे में कोई नहीं जानता: मनोज वाजपेयी

VVinita Kohli
देश को आर्थिक संकट से उबारने वालों के बारे में कोई नहीं जानता: मनोज वाजपेयी
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

मुंबई: अभिनेता मनोज वाजपेयी का कहना है कि उनकी आगामी फिल्म ‘गवर्नर’ में उन लोगों के योगदान के बारे में बताया जाएगा, जिन्होंने तीन दशक पहले देश को गंभीर आर्थिक संकट से उबारने में अहम भूमिका निभाई थी। सच्ची घटनाओं पर आधारित इस फिल्म में 1990 के दशक की शुरुआत में भारत को झकझोर देने वाले आर्थिक संकट की कहानी दिखाई जाएगी। फिल्म में मनोज वाजपेयी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर की भूमिका निभा रहे हैं। उनका किरदार आरबीआई के पूर्व गवर्नर एस. वेंकटरमणन से प्रेरित है।

फिल्म का निर्देशन चिन्मय मांडलेकर ने किया है, जबकि इसमें अदा शर्मा और मधु भी प्रमुख भूमिकाएं निभाती नजर आएंगी। वाजपेयी ने कहा कि 1991 के आर्थिक संकट के समय वह दिल्ली में रंगमंच कलाकार थे और अखबारों के जरिए घटनाक्रम पर नजर रखते थे। उन्होंने कहा, “मैं हमेशा से खबरों का शौकीन रहा हूं। इसलिए मुझे पूरी तरह पता है कि यह हुआ था। लेकिन बंद दरवाजों के पीछे क्या हुआ और वे कौन लोग थे जो भारत को उस संकट से बाहर निकालने के लिए जिम्मेदार थे, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं थी।” अभिनेता ने कहा कि वह उस समय एक संघर्षरत रंगमंच कलाकार के रूप में पूरी तरह कंगाली में जीवन बिता रहे थे। वाजपेयी ने कहा, “एक गरीब व्यक्ति की जिंदगी चलती रहती है, लेकिन यह स्पष्ट है कि जब रुपये का मूल्य घटता है तो उसका बोझ सभी को उठाना पड़ता है। उस समय भी स्थिति ऐसी ही थी।” 

अभिनेता ने राजनीतिक अस्थिरता के बीच वित्तीय संकट से निपटने में पूर्व आरबीआई गवर्नर एस. वेंकटरमणन, अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जैसी प्रमुख हस्तियों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “इन लोगों के योगदान के बारे में कोई नहीं जानता। ऐसे में एक फिल्मकार या पटकथा लेखक की जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं को सिनेमाई और नाटकीय रूप देकर लोगों तक पहुंचाया जाए।” जब वाजपेयी से पूछा गया कि क्या फिल्म में किसी एक पक्ष का समर्थन किया गया है, तो अभिनेता ने कहा कि उन्होंने इसे यथासंभव प्रामाणिक बनाए रखने की कोशिश की है। निर्माता विपुल अमृतलाल शाह की इस फिल्म का सह-निर्माण आशिन ए. शाह ने किया है। फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी।

विज्ञापन

बॉलीवुड की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।